BREAKING:
July 25 2026 09:42 am

ट्रंप का बड़ा दावा: "मैंने रोकी भारत-पाकिस्तान की जंग, बचाई 5 करोड़ जानें"

Post

India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वैश्विक शांति को लेकर अपने दावों से सबको चौंका दिया। ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने प्रयासों से भारत और पाकिस्तान के बीच छिड़े एक संभावित महायुद्ध को शांत कराया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि उनके इस हस्तक्षेप से लगभग 30 से 50 मिलियन (3 से 5 करोड़) लोगों की जान बची।

"मैंने 8 युद्ध खत्म किए, पर नोबेल नहीं मिला"

ट्रंप ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वे अब तक आठ अलग-अलग युद्धों को समाप्त कर चुके हैं। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इतने बड़े शांति प्रयास के बावजूद उन्हें 'नोबेल शांति पुरस्कार' नहीं दिया गया। ट्रंप ने विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा:

"मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच के युद्ध को रोका। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद मुझसे कहा कि मैंने करोड़ों लोगों की जान बचाई है। हमें एक और युद्ध (ईरान) को भी जल्द ही समाप्त करना होगा।"

क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत-पाक विवाद?

ट्रंप जिस घटना का जिक्र कर रहे थे, वह पिछले साल मई (2025) की है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक कायराना आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) शुरू किया था।

कार्रवाई: भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी कैंपों पर सटीक हमले किए थे।

तनाव: दोनों देशों के बीच तीन दिनों तक ड्रोन और मिसाइलों से हमले हुए, जिससे युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी।

ट्रंप का दावा बनाम भारत का रुख: ट्रंप ने 10 मई 2025 को दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्धविराम (Ceasefire) कराया है। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को हमेशा की तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि यह भारत की अपनी रणनीति और संकल्प का परिणाम था।

ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम

ईरान के साथ जारी 6 हफ्ते लंबे युद्ध पर ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ईरान को 48 घंटे की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे आत्मसमर्पण (Surrender) नहीं करते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोलते, तो अमेरिका उनके बिजली संयंत्रों और हर एक पुल को नष्ट कर देगा। ट्रंप ने कहा, "ईरान एक मजबूत दुश्मन है, लेकिन हमारी सेना दुनिया में सबसे महान है।"

नाटो और सहयोगियों से नाराजगी

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने सहयोगियों पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देश इस युद्ध में अमेरिका की पर्याप्त मदद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जापान की रक्षा के लिए अमेरिका के 50,000 सैनिक तैनात हैं, फिर भी महत्वपूर्ण समय पर समर्थन की कमी है।