सावधान UP में बच्चों के स्कूल वाहन को लेकर परिवहन विभाग का सख्त फरमान, 25 हजार का चालान और 1 साल की जेल

Post

India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। खासकर स्कूटी और बाइक (मोटरसाइकिल) से स्कूल जाने वाले नाबालिग छात्रों के लिए नई नीतियां लागू कर दी गई हैं, और कार्रवाई बेहद सख्ती से की जाएगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के वे छात्र, जिनकी आयु 18 साल से कम है, यदि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो उन पर 25 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। लेकिन चिंता की बात यह है कि ज़िम्मेदारी सिर्फ छात्रों की नहीं, बल्कि अभिभावकों की भी होगी!

माता-पिता की बढ़ेंगी मुश्किलें: एक चूक, एक साल की सज़ा!

परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि चेतावनी मिलने के बावजूद नाबालिग के हाथ में वाहन की चाबी सौंपी गई और वह गलत पाए गए, तो अभिभावकों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होगी। एक साल की सश्रम कारावास तक की सज़ा का प्रावधान किया गया है। यह नीति उन माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो बच्चों की सुरक्षा को अनदेखा करते हुए उन्हें बिना लाइसेंस या हेलमेट के वाहन चलाने की इजाजत दे देते हैं। कई अभिभावक, स्कूल बस या ऑटो-टैम्पो का झंझट खत्म करने के लिए खुशी-खुशी बच्चों को गाड़ी की चाबी थमा देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यातायात नियमों का उल्लंघन, मोबाइल से बातचीत करते हुए गाड़ी चलाना, और हेलमेट न पहनना ऐसी गलतियां हैं जो छोटी लग सकती हैं, लेकिन गंभीर परिणाम ला सकती हैं।

हालिया आंकड़े चौंकाने वाले: दोपहिया वाहनों से सबसे ज़्यादा दुर्घटनाएं!

परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 30 जून तक हुई मार्ग दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मामले दो पहिया वाहनों से जुड़े हैं। बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के 9218 मामले पकड़े गए, जिसमें अकेले गोरखपुर में ही 4392 चालान हुए। इसके अलावा, बिना सीटबेल्ट के 5012, मोबाइल से बात करते हुए 459, नशे में वाहन चलाते हुए 28, और गलत दिशा में वाहन चलाते हुए 81 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़े सड़क सुरक्षा के प्रति जनता में जागरूकता की कमी को स्पष्ट करते हैं, और सरकार के सख्त रवैये को अनिवार्य बनाते हैं।

स्कूलों में 'सड़क सुरक्षा अभियान': जागरूकता और चेतावनी का दोहरा वार!

दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से, शासन ने परिवहन विभाग को शिक्षा विभाग और स्कूलों के सहयोग से जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन, छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर दर्जन भर स्कूलों में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) संजय कुमार झा के मार्गदर्शन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अरुण कुमार के नेतृत्व में परिवहन अधिकारियों की टीम ने सड़क सुरक्षा अभियान चलाया। छात्रों और अभिभावकों से संवाद स्थापित कर यातायात नियमों की जानकारी दी गई। अभियान के दौरान कई नाबालिग छात्र बिना लाइसेंस के स्कूटी और मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़े गए, जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। स्कूलों के सामने पब्लिक अनाउंसमेंट द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान और सज़ा की कार्रवाई होगी। छात्रों को हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सलाह दी गई, क्योंकि जन जागरूकता से ही मार्ग दुर्घटनाओं पर अंकुश संभव है।