कृषि बाजार पर खींचतान से बिगड़े हालात, भारत-अमेरिका रिश्तों में दरार
India News Live,Digital Desk : भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। वहीं, एक जर्मन अखबार FAZ ने बड़ा दावा किया है कि ट्रंप ने इस विवाद को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार बार फोन किया, लेकिन पीएम मोदी ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। यह घटना दोनों देशों के रिश्तों में जारी खटास को साफ दर्शाती है।
जर्मन अखबार FAZ के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने और भारतीय अर्थव्यवस्था को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताने की उनकी टिप्पणी से नाराज़ हैं। ट्रंप ने हाल ही में तनाव दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को 4 बार फोन किया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत टाल दी। यह घटना दर्शाती है कि भारत इस व्यापार युद्ध में आसानी से झुकने को तैयार नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलने के ट्रंप के दबाव का भी विरोध कर रहा है।
जर्मन अखबार का बड़ा दावा
जर्मन अखबार FAZ (Frankfurter Allgemeine Zeitung) ने दावा किया है कि इस टैरिफ विवाद के बीच ट्रंप ने पिछले कुछ हफ्तों में पीएम मोदी को चार बार फोन करके स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन पीएम मोदी ने बात करने से इनकार कर दिया। इस रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी ट्रंप की 31 जुलाई 2025 को की गई उस टिप्पणी से बेहद नाराज हैं, जिसमें ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को 'मृत अर्थव्यवस्था' कहा था।
ट्रम्प की टिप्पणियाँ और भारत का रुख
ट्रंप ने अपनी टिप्पणी में कहा, "मुझे इसकी परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है। दोनों मिलकर अपनी मृत अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला सकते हैं।" उन्होंने भारत पर उच्च टैरिफ लगाने का भी आरोप लगाया। जर्मन अखबार का दावा है कि पीएम मोदी ट्रंप की टिप्पणी से बेहद नाराज़ हैं और यही वजह है कि वह ट्रंप के फोन कॉल से बच रहे हैं।
यह घटना दर्शाती है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों पर किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए अपना बाज़ार खोलने के ट्रंप के दबाव का भी विरोध कर रहा है। इस पूरी घटना ने 25 साल पुराने भारत-अमेरिका संबंधों में खटास पैदा कर दी है और इसका असर दोनों देशों के बीच भविष्य में होने वाले व्यापारिक समझौतों पर भी पड़ सकता है।