जापान में सत्ताधारी गठबंधन को ऊपरी सदन चुनाव में लगा झटका, बहुमत गँवाया

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India News Live,Digital Desk : जापान में प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन (लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी - एलडीपी और कोमेतो पार्टी) को हाल ही में हुए ऊपरी सदन (हाउस ऑफ काउंसलर्स) के चुनाव में एक बड़ा झटका लगा है। गठबंधन ने अपनी सामान्य बहुमत वाली स्थिति खो दी है।

संसद के ऊपरी सदन की कुल 248 सीटों में से 125 सीटों के लिए मतदान हुआ था। सत्तारूढ़ गठबंधन, जो पहले ऊपरी सदन में दो-तिहाई बहुमत के करीब था, अब बहुमत के आंकड़े से नीचे आ गया है। इस चुनाव के बाद, एलडीपी और उसकी सहयोगी कोमेतो पार्टी के पास कुल मिलाकर अब 141 सीटें ही बची हैं, जबकि साधारण बहुमत के लिए 123 सीटों की आवश्यकता होती है।

माना जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के बाद एलडीपी को जनता की कुछ सहानुभूति मिली, जिससे उसे उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली। हालांकि, इसके बावजूद गठबंधन अपनी पूर्व की मजबूत स्थिति को बरकरार नहीं रख पाया। चुनाव में एलडीपी ने 63 सीटें जीतीं और कोमेतो को 11 सीटों पर सफलता मिली।

इस चुनाव में निप्पॉन इशिन नो काई (जापान इनोवेशन पार्टी) और डेमोक्रेटिक पार्टी फॉर द पीपल जैसे कुछ विपक्षी दलों ने भी अपनी सीटें बढ़ाई हैं।

इस परिणाम का सीधा असर प्रधानमंत्री किशिदा की सरकार पर पड़ेगा। ऊपरी सदन में बहुमत खोने से उन्हें अब कानून पारित कराने और महत्वपूर्ण नीतियों को लागू करने में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर, जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन करने की एलडीपी की महत्वाकांक्षा को अब ऊपरी सदन में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करना बहुत मुश्किल होगा।

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री किशिदा की एलडीपी और कोमेतो पार्टी निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में अभी भी दो-तिहाई बहुमत बनाए हुए हैं। इससे उनकी सरकार पर फिलहाल कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन यह चुनाव परिणाम बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों पर जनता की चिंताओं और सरकार पर बढ़ते दबाव का संकेत देता है।