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July 14 2026 09:23 pm

The Gulf War and India's Preparedness : पीएम मोदी ने संसद में गिनाईं 5 बड़ी चुनौतियां, 3.75 लाख भारतीयों की हुई सुरक्षित वतन वापसी

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बाद पैदा हुए वैश्विक संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विस्तार से अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने देश को आश्वस्त किया कि सरकार इस संघर्ष के हर पहलू पर पैनी नजर रखे हुए है और भारतीयों की सुरक्षा के साथ-साथ देश की 'ऊर्जा जीवनरेखा' को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री के संबोधन से स्पष्ट हुआ कि यह युद्ध भारत के लिए सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय खबर नहीं, बल्कि सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है।

क्यों भारत के लिए 'अग्निपरीक्षा' है यह युद्ध?

प्रधानमंत्री ने संसद में उन प्रमुख कारणों को रेखांकित किया जिनके कारण भारत इस संघर्ष से सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है:

ऊर्जा की जीवनरेखा: भारत अपने कच्चे तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भारत के लिए केवल एक समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा की नस है।

1 करोड़ भारतीयों का घर: खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय प्रवासी रहते हैं। उनकी सुरक्षा और वहां से उनके द्वारा भेजे जाने वाले विदेशी मुद्रा भंडार (Remittances) पर भारत की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है।

व्यापारिक मार्ग: यह क्षेत्र न केवल तेल, बल्कि उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए भी दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारा है।

'मिशन सुरक्षा': 3.75 लाख भारतीयों को निकाला गया बाहर

पीएम मोदी ने सदन को जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,75,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इसमें अकेले ईरान से 1,000 भारतीय लौटे हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं। सरकार ने प्रभावित देशों में 24 घंटे चलने वाली 'इमरजेंसी हेल्पलाइन' स्थापित की है ताकि किसी भी भारतीय को मदद के लिए भटकना न पड़े।

छात्रों के लिए बड़ी राहत: CBSE परीक्षाओं पर फैसला

युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय छात्रों की शिक्षा पर संकट न आए, इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी ने बताया कि CBSE ने खाड़ी देशों के स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रहे।

तेल और गैस संकट पर 'प्लान-बी' तैयार

होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का गुजरना चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस (LPG) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है ताकि आम आदमी की रसोई पर आंच न आए।

वैश्विक मंच पर 'एकजुट भारत' की आवाज

प्रधानमंत्री ने विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों से आह्वान किया कि इस संकट की घड़ी में पूरी संसद को एक स्वर में बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की चिंताएं अन्य देशों से कहीं अधिक हैं, इसलिए दुनिया तक भारत का संदेश स्पष्ट और एकीकृत जाना चाहिए कि शांति ही एकमात्र समाधान है।