ईंधन संकट की आहट! केंद्र सरकार सख्त: पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी करने वालों की अब खैर नहीं
India News Live,Digital Desk : होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक स्तर पर गहराते ईंधन संकट के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी (LPG) की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पेट्रोलियम मंत्रालय ने निगरानी बढ़ाने और अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा है ताकि आम जनता को किसी भी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।
अफवाहों पर लगाम और पारदर्शी सप्लाई चेन पर जोर
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ मिलकर दैनिक आधार पर निरीक्षण करें। ईंधन की उपलब्धता को लेकर जनता के मन में विश्वास पैदा करने के लिए राज्यों को रोज प्रेस ब्रीफिंग करने, कंट्रोल रूम स्थापित करने और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की सलाह दी गई है। केंद्र ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों और "पैनिक बाइंग" (घबराहट में खरीदारी) से बचने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाएं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल का स्टॉक न करें और एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचें।
अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
युद्ध जैसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद, केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि आवश्यक सेवाओं पर आंच नहीं आने दी जाएगी। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को ईंधन आपूर्ति में टॉप प्रायोरिटी पर रखा गया है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रिफाइनरी उत्पादन में तेजी लाई गई है। इसके साथ ही, एलपीजी रिफिल बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है; अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही बुकिंग की अनुमति होगी, ताकि वितरण का संतुलन बना रहे।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की अपील
ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने जनता से वैकल्पिक साधनों जैसे इंडक्शन चूल्हे, इलेक्ट्रिक कुकटॉप और पीएनजी (PNG) का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया है। इसके अलावा, एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की खेप भी भेजी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि दैनिक ऊर्जा खपत को कम कर सुरक्षित बफर स्टॉक को बनाए रखा जाए।
जमाखोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक: 4000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त
कड़े निर्देशों का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर 4,000 से अधिक अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। अनियमितताएं बरतने वाले 670 से अधिक एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान में 21 राज्यों में प्रशासन नियमित रूप से जनता को आपूर्ति की स्थिति के बारे में अपडेट दे रहा है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।