Tata Capital's IPO is ready : दो साल बाद शेयर बाजार में टाटा समूह की दस्तक
India News Live,Digital Desk : लगभग दो साल बाद, टाटा समूह की कोई कंपनी शेयर बाजार में उतरने को तैयार है। यह कंपनी टाटा कैपिटल है, जो टाटा समूह की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है। कंपनी ने सोमवार को बाजार नियामक सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस आईपीओ का आकार लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है, जिससे कंपनी का कुल मूल्यांकन लगभग 11 अरब डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
टाटा समूह का आईपीओ 2 साल बाद
अगर यह आईपीओ सफल होता है, तो यह देश के वित्तीय क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बन सकता है। नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज की लिस्टिंग के बाद, हाल के वर्षों में यह टाटा समूह का दूसरा आईपीओ होगा। सेबी को सौंपे गए दस्तावेज़ों के अनुसार, टाटा कैपिटल 21 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और टाटा संस द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत 23 करोड़ इक्विटी शेयर भी बेचे जाएँगे।
कंपनी का रिकॉर्ड क्या है?
इसके अतिरिक्त, इंटरनेशनल फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन द्वारा 3.58 करोड़ शेयर बेचे जाएँगे। हालाँकि टाटा कैपिटल ने अभी तक इस आईपीओ की तारीख और प्राइस बैंड की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में घोषणा की जाएगी। टाटा कैपिटल की बात करें तो यह भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमन के तहत एक प्रमुख एनबीएफसी है, जिसे सितंबर 2025 तक अपना आईपीओ लाना अनिवार्य है।
वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 10 प्रतिशत बढ़कर ₹3,655 करोड़ हो गया, जबकि राजस्व में भी 57 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इन मज़बूत वित्तीय नतीजों के साथ, टाटा कैपिटल का आईपीओ निवेशकों के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है। गौरतलब है कि टाटा समूह वर्षों से एक विश्वसनीय ब्रांड रहा है। चाहे वह उनकी कारें हों या उनके कोई अन्य उत्पाद।