Strictness on H-1B and H-4 visas : अब सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल पब्लिक करना होगा, अमेरिका ने बढ़ाई स्क्रीनिंग
- by Priyanka Tiwari
- 2025-12-04 16:40:00
India News Live,Digital Desk : अमेरिका ने H-1B वीजा और उनके H-4 डिपेंडेंट वीजा के लिए सुरक्षा जांच को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया है। नए आदेश के तहत अब आवेदकों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स पब्लिक करनी होंगी, ताकि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की पूरी तरह जांच की जा सके।
बुधवार को जारी नए निर्देशों में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि 15 दिसंबर से H-1B और H-4 वीजा के सभी आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी का विस्तृत रिव्यू होगा। इससे पहले ऐसी जांच केवल स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर्स के लिए होती थी, जिसे अब बढ़ाकर वर्क वीजा कैटेगरी में भी लागू किया जा रहा है।
सोशल मीडिया अकाउंट्स ‘पब्लिक’ करना अनिवार्य
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि H-1B और H-4 के साथ-साथ F, M और J वीजा कैटेगरी के सभी आवेदकों को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की प्राइवेसी पब्लिक करनी होगी, ताकि अधिकारियों को जानकारी की जांच में कोई बाधा न हो।
नेशनल सिक्योरिटी के नाम पर कड़ी जांच
अमेरिकी सरकार का कहना है कि हर वीजा फैसला नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा होता है। इसलिए आवेदकों के बारे में उपलब्ध सभी डेटा की जांच जरूरी है।
स्टेट डिपार्टमेंट का दावा है कि इस कठोर जांच से उन लोगों की पहचान की जा सकेगी जो अमेरिका के लिए सुरक्षा खतरा बन सकते हैं या वीजा शर्तों का पालन नहीं करते।
यह कदम ट्रंप प्रशासन की ओर से इमिग्रेशन नियमों को सख्त करने की निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है।
H-1B वीजा के दुरुपयोग पर बड़ा एक्शन
ट्रंप प्रशासन पहले ही H-1B प्रोग्राम के गलत इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर चुका है। यह वीजा मुख्य रूप से अमेरिकी टेक कंपनियों द्वारा विदेशी प्रोफेशनल्स को नौकरी देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
भारतीय टेक वर्कर्स और डॉक्टर इस वीजा कैटेगरी में सबसे बड़ा समूह हैं।
सितंबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें नए H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर की भारी फीस लगाने की घोषणा की गई थी। इसका सीधा असर अमेरिका में नौकरी खोज रहे हजारों भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है।
19 देशों के नागरिकों पर ग्रीन कार्ड और इमिग्रेशन एप्लीकेशन पर रोक
वॉशिंगटन ने एक अफगान नागरिक के हमले के बाद 19 देशों के नागरिकों के लिए ग्रीन कार्ड, अमेरिकी नागरिकता और अन्य इमिग्रेशन आवेदन तुरंत रोकने का फैसला लिया है।
नए निर्देश के अनुसार USCIS को आदेश दिया गया है कि सभी असाइलम एप्लिकेशन को पूर्ण जांच के बाद ही आगे बढ़ाया जाए, और यह रोक उन 19 देशों पर भी लागू होगी जो पहले ट्रैवल बैन लिस्ट में शामिल थे।
ये हैं वे 19 देश
अफगानिस्तान, बर्मा, बुरुंडी, चाड, कांगो, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेज़ुएला और यमन।
इन देशों के नागरिकों के सभी इमिग्रेशन एप्लीकेशंस, एंट्री डेट की परवाह किए बिना, पूरा रिव्यू होने तक पेंडिंग रहेंगे।