Stock Market Bloodbath: शेयर बाजार में 'खून की नदियां' बही! सेंसेक्स 1837 अंक टूटा, निफ्टी धराशायी, निवेशकों के ₹14 लाख करोड़ स्वाहा
India News Live,Digital Desk : भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन किसी 'ब्लैक मंडे' से कम साबित नहीं हुआ। मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में छिड़े भीषण युद्ध और वैश्विक तनाव की तपिश ने दलाल स्ट्रीट को झुलसा कर रख दिया है। हफ्ते के पहले ही दिन बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिससे निवेशकों में हाहाकार मच गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी आज अपनी ऐतिहासिक गिरावटों में से एक के गवाह बने। महज कुछ घंटों के भीतर निवेशकों की करीब ₹14 लाख करोड़ की संपत्ति खाक हो गई।
बाजार में महाप्रलय: सेंसेक्स 73 हजार के नीचे फिसला
सोमवार, 23 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1836.57 अंक (2.46%) की भारी गिरावट के साथ 72,696.39 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 601.85 अंक (2.60%) टूटकर 22,512.65 पर आ गया। बाजार की हालत यह थी कि 90% से अधिक शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
टाटा से लेकर अदानी तक, दिग्गजों के छूटे पसीने
बाजार में आई इस सुनामी ने दिग्गज कंपनियों के शेयरों को भी नहीं बख्शा। निफ्टी की 50 में से 47 कंपनियां और सेंसेक्स की 30 में से 26 कंपनियां भारी नुकसान के साथ बंद हुईं।
सबसे ज्यादा नुकसान: टाटा समूह की कंपनी Titan (टाइटन) आज सबसे बड़ी शिकार बनी, जिसके शेयर 6.24% तक टूट गए।
इन शेयरों में मची भगदड़: टाइटन के अलावा ट्रेंट (5.90%), अल्ट्राटेक सीमेंट (5.40%), BEL और IndiGo (4.85%), और टाटा स्टील (4.80%) के शेयरों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग और हैवीवेट्स: बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक (4.70%), कोटक महिंद्रा (2.89%) और एक्सिस बैंक (2.79%) भी औंधे मुंह गिरे। अदानी पोर्ट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी 3-4% तक लुढ़क गए।
90% बाजार 'लाल', फिर भी इन 4 शेयरों ने दिखाया दम
जहां हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था, वहीं आईटी (IT) सेक्टर के कुछ शेयरों ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी। चौतरफा बिकवाली के बावजूद HCL Tech के शेयर 1.83% की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहे। इनके अलावा पावर ग्रिड (1.39%), इंफोसिस (0.28%) और टेक महिंद्रा (0.19%) के शेयर मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।
क्यों आई यह 'ऐतिहासिक' गिरावट?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस तबाही के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता युद्ध का खतरा है। युद्ध की वजह से वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को डरा दिया है, जिसके चलते उन्होंने भारतीय बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकालना शुरू कर दिया है।