Stampede during RCB's victory celebration :11 की मौत, विराट कोहली समेत कई पर मामला दर्ज

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India News Live, Digital Desk: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की पहली आईपीएल ट्रॉफी जीत का जश्न एक दुखद हादसे में तब्दील हो गया। भारी भीड़ और अव्यवस्था के चलते मची भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

RCB ने आईपीएल की अपनी 17 साल की लंबी यात्रा के बाद पहली बार खिताब जीतकर इतिहास रचा। टीम ने 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पंजाब किंग्स को हराकर यह जीत दर्ज की थी। इसके बाद बेंगलुरु में एक भव्य जश्न का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों फैन्स शामिल हुए।

इस हादसे के सिलसिले में नैजा होरतगारारा वेदिके संस्था के प्रतिनिधि ए.एम. वेंकटेश ने कुब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह शिकायत पहले से दर्ज एफआईआर में जोड़ी जाएगी और मामले की गहराई से जांच होगी।

आरसीबी और आयोजकों पर गंभीर आरोप

पुलिस की एफआईआर में RCB फ्रेंचाइज़ी, इवेंट कंपनी DNA, और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) की प्रशासनिक समिति को बिना वैध सरकारी अनुमति के यह कार्यक्रम आयोजित करने का दोषी ठहराया गया है।

भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ है:

धारा 105: जानबूझकर की गई मृत्यु (हालांकि हत्या नहीं)

धारा 115(2): जानबूझकर चोट पहुँचाना

धारा 118(1): खतरनाक तरीके से गंभीर चोट पहुँचाना

धारा 3(5): साझा इरादे से गंभीर नुकसान पहुंचाना

इसके अलावा, पुलिस स्टेशन में दो और शिकायतें दर्ज की गई हैं। एक घायल व्यक्ति रोलैंड गोम्स ने बताया कि वह RCB का सोशल मीडिया पोस्ट देखकर अपने दोस्तों के साथ स्टेडियम पहुंचा था। गेट नंबर 17 पर भारी भीड़ के चलते उसे गंभीर चोटें आईं और वह अस्पताल में भर्ती हुआ।

RCB मार्केटिंग हेड की गिरफ्तारी

घटना के सिलसिले में RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को बेंगलुरु एयरपोर्ट से मुंबई रवाना होने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह 6:30 बजे की गई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गिरफ्तारी के निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे।

DNA कंपनी के तीन और अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया है। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी भीड़ को काबू में रखने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए।