अमेरिकी अदालत से झटका, लेकिन ट्रंप को टैरिफ लगाने की मिली फिर से मंज़ूरी
India News Live,Digital Desk : डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) पर पहले एक अमेरिकी अदालत ने रोक लगा दी थी। लेकिन इस फैसले के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट में अपील की, और अब एक संघीय अपीलीय अदालत ने उन्हें टैरिफ वसूलने की इजाजत दे दी है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर जापान के नेता से बात की है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही और दोनों देशों के बीच समझदारी बनी रही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अब भी वैश्विक मंच पर व्यापार को लेकर बातचीत के लिए तैयार है।
कैरोलिन लेविट ने कहा, “हम चाहते हैं कि दुनिया हमारे साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने वर्षों तक अमेरिका का व्यापारिक नुकसान होता रहा, नौकरियां विदेश जाती रहीं, लेकिन कोई भी अदालत इस पर कुछ नहीं बोली। अब जब एक राष्ट्रपति उन पुरानी नीतियों को बदलना चाहता है, तो उसे रोका जा रहा है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “यह प्रशासन अपने फैसलों पर कायम रहेगा। यह वही वादा है जिसे लेकर राष्ट्रपति को लोगों ने चुना था। हम अदालत में यह लड़ाई जीतेंगे।”
इससे पहले अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत ने कहा था कि 1977 का इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) ट्रंप को इस तरीके से टैरिफ लगाने की इजाजत नहीं देता।
ट्रंप प्रशासन ने इस पर तर्क दिया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम तब ही संभव हो पाया जब ट्रंप ने हस्तक्षेप कर दोनों देशों को व्यापारिक समझौते के ज़रिए शांत रहने की सलाह दी।
हालांकि भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत ज़रूर हुई थी, लेकिन उसमें व्यापार या टैरिफ का कोई जिक्र नहीं था।