Share Market Crash: शेयर बाजार में ब्लैक थर्सडे! सेंसेक्स 2000 अंक टूटा, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट; निवेशकों के 8.4 लाख करोड़ रुपये डूबे...

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India News Live,Digital Desk : भारतीय शेयर बाजार में आज 'हाहाकार' मच गया है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का ऐसा तूफान आया कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2000 अंकों से ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट के साथ धराशायी हो गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 23,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया है। बाजार की इस सुनामी में महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की करीब 8.4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई है। हर तरफ लाल निशान हावी है और निवेशकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

चौतरफा बिकवाली से सहमा दलाल स्ट्रीट

बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव दिखने लगा था, लेकिन देखते ही देखते यह दबाव पैनिक सेलिंग में तब्दील हो गया। दिग्गज शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। बैंकिंग, आईटी, और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों के टूटने से बाजार को संभलने का मौका नहीं मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर अनिश्चितता के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने बड़े पैमाने पर निकासी की है, जिसका सीधा असर बाजार की सेहत पर पड़ा है।

क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट?

शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने निवेशकों के सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है। इसके अलावा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों को लेकर अनिश्चितता और भारतीय बाजार में शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन (Valuation) ने भी बिकवाली को बढ़ावा दिया है। ट्रेडर्स का मानना है कि निफ्टी के 23,300 के नीचे जाने से तकनीकी रूप से बाजार कमजोर हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

निवेशकों के 8.4 लाख करोड़ रुपये हुए स्वाहा

बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का सबसे बुरा असर छोटे और रिटेल निवेशकों पर पड़ा है। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (M-Cap) तेजी से नीचे गिरा है। आंकड़ों के मुताबिक, आज की गिरावट ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई के 8.4 लाख करोड़ रुपये पलक झपकते ही साफ कर दिए हैं। पोर्टफोलियो में भारी गिरावट देखकर निवेशक अब घबराए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों ने फिलहाल निवेशकों को धैर्य रखने और पैनिक में आकर शेयर न बेचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अच्छे शेयरों को निचले स्तर पर खरीदने का मौका भी हो सकती है।