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October 18 2026 03:17 am

Shanghai airport row : चीन ने अरुणाचल प्रदेश जन्मस्थान वाली भारतीय महिला पर आरोपों को गलत बताया

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India News Live,Digital Desk : चीन ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश की जन्मभूमि वाली भारतीय महिला पेमा वांगजोम थोंगडोक के साथ शंघाई एयरपोर्ट पर कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज कर दिया। चीन का कहना है कि एयरपोर्ट पर की गई कार्रवाई कानून और नियमों के अनुरूप थी।

थोंगडोक ने दावा किया था कि 21 नवंबर को लंदन से जापान जाने के दौरान उनके पासपोर्ट को "इनवैलिड" घोषित कर दिया गया क्योंकि इसमें उनका जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश लिखा था। इसके कारण उन्हें 18 घंटे तक हिरासत में रखा गया और उन्हें अपनी यात्रा में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

चीन की प्रतिक्रिया

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं, उन्हें हिरासत या जबरदस्ती नहीं की गई, और एयरलाइन ने उन्हें आराम करने और खाने-पीने की सुविधा भी दी। माओ ने यह भी दोहराया कि चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत या जंगनान मानता है और इसे भारत का हिस्सा नहीं मानता।

भारत का सख्त रुख

दिल्ली सूत्रों के अनुसार, भारत ने घटना के दिन ही चीन को कड़ा डिमार्शे दिया। भारत ने स्पष्ट कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहाँ के नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट रखने और उससे यात्रा करने का पूरा अधिकार है। शंघाई में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी थोंगडोक को सहायता प्रदान की और उन्हें देर रात की फ्लाइट में भेजने में मदद की।

थोंगडोक की चुनौती

थोंगडोक ने बताया कि उन्हें बीजिंग और शंघाई में भारतीय दूतावास से संपर्क करने में भारी कठिनाई हुई क्योंकि वहां की सोशल मीडिया पॉलिसी और प्रतिबंधित ऐप्स ने मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि केवल लैंडलाइन फोन के जरिए उन्होंने लंदन में अपने दोस्तों से संपर्क कर मदद ली।

यह मामला चीन-भारत के बीच अरुणाचल प्रदेश की संवेदनशीलता और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा नियमों पर भी ध्यान खींचता है।