ट्रंप से मिलने पहुँचे शाहबाज़ और मुनीर, आधे घंटे बाहर इंतज़ार करना पड़ा
India News Live, Digital Desk : गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर जब व्हाइट हाउस पहुँचे, तो उनका सामना एक अजीब स्थिति से हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए दोनों को करीब आधे घंटे इंतज़ार करना पड़ा। इतना ही नहीं, बैठक के बाद न तो कोई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और न ही व्हाइट हाउस की ओर से तस्वीरें या वीडियो जारी किए गए।
बताया गया कि जब शरीफ़ और मुनीर पहुँचे, उस समय ट्रंप कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने में व्यस्त थे। आम तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकात की आधिकारिक तस्वीरें और वीडियो मीडिया को दिए जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। बैठक की जानकारी खुद पाकिस्तान सरकार ने साझा की।
पाकिस्तान का बयान
पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मुलाकात ओवल ऑफिस में हुई, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद थे। बातचीत सकारात्मक माहौल में रही और इसमें द्विपक्षीय रिश्तों, क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। शाहबाज़ शरीफ़ ने ट्रंप को "शांति की राह चुनने वाला नेता" बताते हुए भारत-पाक संघर्ष जैसे मामलों को सुलझाने की उनकी कोशिशों की तारीफ की।
देरी से शुरू हुई बैठक
स्थानीय समयानुसार शाम 4:30 बजे बैठक शुरू होनी थी, लेकिन ट्रंप के व्यस्त शेड्यूल के कारण यह लगभग 30 मिनट देर से शुरू हुई। बैठक करीब 1 घंटे 20 मिनट तक चली। हालांकि पत्रकारों को इसमें शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। इस समय पाकिस्तानी प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के लिए न्यूयॉर्क में हैं और वहीं से वह वॉशिंगटन पहुँचे।
शरीफ़ की यह ट्रंप से दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले, उन्होंने मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति से भेंट की थी। वहीं, जनरल मुनीर ट्रंप से पहले भी दो बार मिल चुके हैं। जून में तो उनके सम्मान में व्हाइट हाउस में दोपहर भोज का आयोजन भी हुआ था।
छह साल बाद पाक पीएम व्हाइट हाउस में
गौर करने वाली बात यह है कि शाहबाज़ शरीफ़ छह साल बाद व्हाइट हाउस आने वाले पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हैं। पिछली बार जुलाई 2019 में तत्कालीन पीएम इमरान खान ट्रंप से मिले थे। दिलचस्प यह भी है कि ट्रंप से पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन ने अपने पूरे कार्यकाल में किसी भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से न तो औपचारिक बातचीत की और न ही व्हाइट हाउस का निमंत्रण दिया।