'द पैराडाइज' ने ओवरसीज में रचा नया इतिहास! शाहरुख-आमिर की ब्लॉकबस्टर्स को पीछे छोड़ बनी विदेशी दर्शकों की पहली पसंद
भारतीय सिनेमा का डंका इन दिनों सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि विदेशी सरजमीं पर भी पूरी मजबूती से बज रहा है। साउथ सिनेमा के नेचुरल स्टार नानी की हालिया रिलीज मास एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'द पैराडाइज' ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान खड़ा किया है जिसकी गूंज सात समंदर पार तक सुनाई दे रही है। फिल्म ने घरेलू स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऐतिहासिक आंकड़े दर्ज किए हैं। विदेशी टिकट खिड़की पर फिल्म ने कमाई के कई पुराने कीर्तिमान ध्वस्त करते हुए बॉलीवुड के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स शाहरुख खान और आमिर खान की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। गैर-हिंदी बेल्ट और विदेशी दर्शकों के बीच इस फिल्म का क्रेज देखकर ट्रेड पंडित भी हैरान रह गए हैं।
'द पैराडाइज' के वर्ल्डवाइड कलेक्शन ने साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट में दम हो और प्रस्तुतिकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो, तो भाषा की दीवारें मायने नहीं रखतीं। उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में फिल्म के शोज लगातार हाउसफुल चल रहे हैं। विदेशी दर्शक न केवल भारी संख्या में थिएटर्स का रुख कर रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर फिल्म के रॉ और इंटेंस एक्शन सीक्वेंस की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं। नानी के खूंखार अंदाज और डायरेक्टर के विजन ने ग्लोबल ऑडियंस को पूरी तरह अपने सम्मोहन में बांध लिया है।
आमिर खान और शाहरुख खान के विदेशी रिकॉर्ड्स को दी कड़ी मात
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमेशा से आमिर खान और शाहरुख खान का दबदबा माना जाता रहा है। ओवरसीज मार्केट में बॉलीवुड के इन दोनों दिग्गजों की फिल्में वर्षों से कमाई के नए मानक तय करती आई हैं। चाहे शाहरुख खान की ओवरसीज परफॉर्मेंस हो या आमिर खान की फिल्मों का ग्लोबल फुटफॉल, इन आंकड़ों को छूना किसी भी क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक बड़ा सपना माना जाता था। लेकिन 'द पैराडाइज' ने पहले ही हफ्ते में कई विदेशी सर्किट्स में इन दोनों सितारों की कुछ बड़ी फिल्मों के ओपनिंग और वीकेंड रिकॉर्ड्स को पीछे धकेल दिया है।
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, यूएस और गल्फ मार्केट्स में नानी की इस फिल्म ने जिस रफ्तार से डॉलर बटोरे हैं, उसने ट्रेड विशेषज्ञों के तमाम पुराने अनुमानों को गलत साबित कर दिया है। यह पहली बार देखा जा रहा है कि एक तेलुगु एक्शन ड्रामा को विदेशी धरती पर पारंपरिक एनआरआई दर्शकों के अलावा वहां के स्थानीय मूल के दर्शक भी इतना जबरदस्त प्यार दे रहे हैं।
नानी का खूंखार अवतार और श्रीकांत ओडेला का धाकड़ निर्देशन
फिल्म की इस अभूतपूर्व सफलता का सबसे बड़ा श्रेय इसके मुख्य अभिनेता नानी और निर्देशक श्रीकांत ओडेला की जोड़ी को जाता है। 'दशहरा' जैसी दमदार फिल्म देने के बाद इस जोड़ी से दर्शकों को भारी उम्मीदें थीं और 'द पैराडाइज' उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरी है। फिल्म में नानी ने अपने पारंपरिक लवर बॉय और चॉकलेटी हीरो की छवि को पूरी तरह तोड़कर एक बेहद हिंसक, जटिल और बदले की आग में जलते किरदार को पर्दे पर उतारा है। उनके बॉडी लैंग्वेज, दाढ़ी वाले रफ लुक और खामोश आंखों के जरिए बोले गए संवादों ने हर वर्ग के दर्शकों को चौंका दिया है।
वहीं दूसरी ओर निर्देशक श्रीकांत ओडेला ने जिस यथार्थवादी और रॉ अंदाज में 90 के दशक के बैकड्रॉप और अपराध की दुनिया को कैमरे में कैद किया है, वह हॉलीवुड की डार्क क्राइम थ्रिलर्स को टक्कर देता नजर आता है। फिल्म के एक्शन कोरियोग्राफी में किसी भी तरह के नकलीपन से बचते हुए जमीनी और रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्यों को तरजीह दी गई है, जो विदेशी दर्शकों को खूब आकर्षित कर रहा है।
संतोष नारायणन का बैकग्राउंड स्कोर बना फिल्म की रीढ़
'द पैराडाइज' की चर्चा संगीतकार संतोष नारायणन के धमाकेदार और रोंगटे खड़े कर देने वाले बैकग्राउंड स्कोर (BGM) के बिना अधूरी है। अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने फिल्म के म्यूजिक को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया है। हर एक्शन सीन और भावनात्मक मोड़ पर संगीत का इस्तेमाल इस तरह किया गया है कि दर्शक स्क्रीन से अपनी नजरें नहीं हटा पाते।
फिल्म में इस्तेमाल किए गए लोक वाद्य यंत्रों और आधुनिक वेस्टर्न बीट्स के फ्यूजन ने एक ऐसा साउंडट्रैक तैयार किया है जो थिएटर्स में बैठकर देखने पर दर्शकों की धड़कनें बढ़ा देता है। विदेशी फिल्म समीक्षकों ने भी अपने रिव्यूज में फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और साउंड डिजाइनिंग की खुलकर तारीफ की है और इसे भारतीय सिनेमा के तकनीकी विकास का एक बेहतरीन उदाहरण माना है।
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर भारतीय सिनेमा का बदलता स्वरूप
'द पैराडाइज' की इस ऐतिहासिक छलांग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय सिनेमा अब बॉलीवुड या टॉलीवुड के संकीर्ण दायरों में नहीं बंधा है। आज का दर्शक सिर्फ बड़े स्टारडम के पीछे नहीं भागता, बल्कि वह एक ऐसा सिनेमाई अनुभव चाहता है जो उसे सिनेमाघर में कुर्सी से बांधकर रखे।
साउथ की फिल्मों का इस तरह वैश्विक स्तर पर बॉलीवुड के स्थापित दिग्गजों को चुनौती देना और विदेशी धरती पर अपना परचम लहराना भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक नया स्वर्णिम दौर लेकर आया है। जिस तरह से 'द पैराडाइज' का विजय रथ आगे बढ़ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह फिल्म विदेशी बॉक्स ऑफिस पर कई नए और अकल्पनीय मील के पत्थर स्थापित करने वाली है।