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October 03 2026 06:21 pm

रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' के टीवी प्रीमियर से पहले चली मेकर्स की कैंची, जानिए क्यों 10 मिनट छोटा किया गया रनटाइम

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बॉलीवुड के ऊर्जावान सुपरस्टार रणवीर सिंह की बहुचर्चित हाई-ऑक्टेन स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर 2' अब छोटे पर्दे पर अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। सिनेमाघरों में अपनी तेज-तर्रार कहानी, जबर्दस्त ट्विस्ट्स और एक्शन दृश्यों से दर्शकों की धड़कनें तेज करने के बाद अब मेकर्स इस ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी को सीधे पारिवारिक दर्शकों के घरों तक पहुंचाने जा रहे हैं। हालांकि टीवी पर वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर से ठीक पहले फिल्म के रनटाइम को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया गया है। ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े नियमों और सेंसर बोर्ड की गाइडलाइंस का पालन करते हुए फिल्म के मूल रनटाइम में से करीब 10 मिनट के हिस्से पर कैंची चला दी गई है। मेकर्स के इस कदम के बाद सिने प्रेमियों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर टीवी प्रीमियर के लिए इन 10 मिनटों के किन सीन्स को हटाया गया है और इसके पीछे की असली वजह क्या है।

टेलीविजन पर फिल्मों का प्रदर्शन हमेशा से सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से अलग नियमों के तहत होता आया है। जब कोई फिल्म थिएटर्स में रिलीज होती है, तो उसके लिए अलग सर्टिफिकेशन मानक होते हैं, लेकिन जब वही फिल्म टीवी स्क्रीन पर करोड़ों परिवारों के बीच दिखाई जाती है, तो ब्रॉडकास्ट कोड्स बेहद सख्त हो जाते हैं। रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' के मामले में भी ठीक यही प्रक्रिया अपनाई गई है। चैनल और निर्माताओं ने आपसी सहमति से यह तय किया कि पारिवारिक दर्शकों के सहज अनुभव के लिए फिल्म के कुछ दृश्यों और संवादों को संपादित करना जरूरी है, ताकि हर आयु वर्ग के दर्शक बिना किसी असहजता के इस एक्शन थ्रिलर का लुत्फ उठा सकें।

ब्रॉडकास्ट गाइडलाइंस और यू/ए सर्टिफिकेशन के तहत चला सेंसर का चाबुक

'धुरंधर 2' को सिनेमाघरों में रिलीज के दौरान अपनी डार्क थीम, इंटेंस वायलेंस और संवेदनशील स्पाई मिशन वाले बैकड्रॉप के चलते कड़े प्रमाणन से गुजरना पड़ा था। फिल्म में दिखाए गए कई एक्शन सीक्वेंस बेहद रॉ, हिंसक और खून-खराबे से भरे थे, जो बड़े पर्दे पर एक्शन प्रेमियों को भले ही रोमांचित करते हों, लेकिन टेलीविजन प्रसारण के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते। टीवी पर प्रसारण के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के टेलीविजन मानकों और अपलिंकिंग-डाउनलिंकिंग नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होता है।

चैनल के मानकों के मुताबिक, दिन या प्राइम टाइम में प्रसारित होने वाली फिल्मों को 'यू' (U) या परिवार-अनुकूल 'यू/ए' (U/A) श्रेणी में ढाला जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत फिल्म के उन सीन्स को ट्रिम किया गया है जिनमें अत्यधिक हिंसा, धारदार हथियारों के बेहद क्लोज-अप शॉट्स या अत्यधिक रक्तपात दिखाया गया था। इसके साथ ही कुछ ऐसे संवाद और गालियों वाले शब्द, जिन्हें सिनेमाघरों में 'बीप' के साथ पास किया गया था, उन्हें टीवी के लिए पूरी तरह से म्यूट या सीन से बाहर कर दिया गया है। इन सभी संपादनों को मिलाकर फिल्म का कुल रनटाइम लगभग 10 मिनट कम हो गया है।

कमर्शियल स्लॉट्स और टीवी पेसिंग को दुरुस्त रखने की तकनीकी रणनीति

फिल्म के रनटाइम को 10 मिनट छोटा करने के पीछे केवल सेंसरशिप ही एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग का एक बड़ा व्यावसायिक गणित भी काम करता है। किसी भी बड़े चैनल पर जब किसी मेगा-बजट फिल्म का प्रीमियर होता है, तो उसका एक निश्चित टाइम-स्लॉट तय होता है, जो आमतौर पर विज्ञापनों (कमर्शियल ब्रेक्स) के साथ ढाई से तीन घंटे का होता है। सिनेमाघरों में रिलीज हुई लंबी फिल्मों को टीवी के तय स्लॉट में फिट करना प्रोग्रामिंग टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

टेलीविजन के दर्शक बेहद अधीर होते हैं और यदि फिल्म की गति बीच में कहीं भी सुस्त पड़ती है, तो वे तुरंत चैनल बदल देते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए निर्देशकीय टीम और चैनल के एडिटर्स ने मिलकर कुछ ऐसे लंबे बैकग्राउंड ट्रांजिशन सीन्स और ड्रामेटिक पॉज को छोटा कर दिया, जो कहानी के मुख्य प्लॉट को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करते थे। इस एडिटिंग का फायदा यह हुआ कि फिल्म की पेसिंग और भी ज्यादा चुस्त और तेज हो गई है, जिससे दर्शक विज्ञापन के बाद भी स्क्रीन से बंधे रहें और चैनल का टीआरपी ग्राफ बना रहे।

रणवीर सिंह का स्पाई अवतार और 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी का भारी क्रेज

'धुरंधर' फ्रेंचाइजी ने भारतीय सिनेमा में जासूसी और एक्शन जॉनर को एक नया और आधुनिक आयाम दिया है। फिल्म में रणवीर सिंह ने जिस तरह से एक गुप्त एजेंट की भूमिका निभाई है, उसने उनके अभिनय का एक नया और गंभीर रूप दर्शकों के सामने पेश किया है। फिल्म की कहानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले आपराधिक सिंडिकेट्स, खुफिया साजिशों और देश की सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है। रणवीर सिंह का फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और उनके द्वारा खुद किए गए खतरनाक स्टंट्स इस फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत माने जाते हैं।

फ्रेंचाइजी के दूसरे भाग यानी 'धुरंधर 2' में कहानी को और भी बड़े कैनवस पर ले जाया गया था, जिसमें अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस और अत्याधुनिक हथियारों की जंग दिखाई गई थी। सिनेमाघरों में इस फिल्म को युवाओं और मास ऑडियंस का भरपूर समर्थन मिला था। अब जब यह फिल्म टेलीविजन पर आ रही है, तो उन लाखों दर्शकों को इसका बेसब्री से इंतजार है जो थिएटर्स तक नहीं पहुंच पाए थे या जो घर बैठे इस रोमांचक सफर को दोबारा दोहराना चाहते हैं।

टीवी दर्शकों के लिए क्या बदलेगा और सोशल मीडिया पर क्या है चर्चा?

फिल्म से 10 मिनट काटे जाने की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर सिनेमा प्रेमियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ हार्डकोर फैंस का कहना था कि फिल्म को बिना किसी कट के उसी रूप में दिखाया जाना चाहिए जैसा वह बड़े पर्दे पर आई थी, क्योंकि कट्स से निर्देशक के मूल विजन पर थोड़ा असर पड़ता है। वहीं दूसरी ओर, पारिवारिक दर्शकों और आम टीवी व्यूअर्स ने मेकर्स के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि घर में बुजुर्गों और बच्चों के साथ बैठकर फिल्म देखते समय अनावश्यक हिंसा और अपशब्द असहज कर देते हैं, ऐसे में कट्स के साथ एक साफ-सुथरा वर्जन पेश करना पूरी तरह सही फैसला है।

मेकर्स ने भी इस बात का पूरा भरोसा दिलाया है कि 10 मिनट की इस कटौती से फिल्म की मूल आत्मा, उसके सस्पेंस और कहानी के रोमांच पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ेगा। दर्शकों को वही हाई-वोल्टेज ड्रामा, रणवीर सिंह के दमदार डायलॉग्स और रोंगटे खड़े कर देने वाला क्लाइमेक्स पूरी तरह देखने को मिलेगा। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि बॉक्स ऑफिस पर परचम लहराने के बाद रणवीर सिंह की यह एक्शन फिल्म टीवी रेटिंग्स के मामले में कितने नए रिकॉर्ड बनाती है।