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August 19 2026 02:21 am

33 की उम्र में चमकी किस्मत! सारांश जैन को टीम इंडिया में देख हरभजन सिंह ने खोली दिल की बात, बताई सफलता की सबसे बड़ी वजह

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मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन की 33 साल की उम्र में आखिरकार किस्मत चमक गई है और उन्हें श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में सालों की कड़ी मेहनत के बाद उनका यह चयन हुआ है। सारांश ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 30 विकेट चटकाए और 518 रन भी बनाए। इसके अलावा, वह दिलीप ट्रॉफी में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे और सेंट्रल जोन को 11 साल बाद चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस ऐतिहासिक चयन पर भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने दिल खोलकर उनकी तारीफ की है और उनकी सफलता के राज खोले हैं।

हरभजन सिंह ने की तारीफ: "सारांश में है विकेट लेने की भूख"

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत करते हुए हरभजन सिंह ने सारांश जैन को एक बेहद विनम्र इंसान बताया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। हरभजन के अनुसार, सारांश की सबसे बड़ी खूबी उनकी 'विकेट लेने की आक्रामक सोच' है। भज्जी का मानना है कि आज के दौर में कई गेंदबाजों में विकेट लेने की वैसी भूख नहीं बची है, वे सिर्फ रन रोकने और ओवर निकालने पर ध्यान देते हैं, लेकिन सारांश हमेशा बल्लेबाज को आउट करने की फिराक में रहते हैं। उनका बॉलिंग एक्शन और सीम पोजीशन बहुत शानदार है तथा वह ज्यादा फैंसी वेरिएशन आजमाने के बजाय अपनी सादगी और जबर्दस्त कंट्रोल के साथ गेंदबाजी करते हैं।

घर की छत से शुरू हुआ सफर, रणजी खेलने वाले पिता का रहा अहम योगदान

भारतीय टीम तक पहुंचने का सारांश का यह सफर किसी बड़ी क्रिकेट अकादमी से नहीं, बल्कि इंदौर में उनके अपने घर की छत से शुरू हुआ था। सारांश के पिता सुबोध जैन खुद मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। जब सारांश छोटे थे, तो उनके पिता उन्हें घर की छत पर घंटों अभ्यास कराते थे। सुबोध जैन ने गर्व महसूस करते हुए कहा कि आज के समय में जहां ज्यादातर खिलाड़ी आईपीएल के जरिए टीम इंडिया में जगह बनाते हैं, वहीं उनके बेटे ने विशुद्ध रूप से प्रथम श्रेणी (ફर्स्ट-क्लास) क्रिकेट में अपना लोहा मनवाकर यह मुकाम हासिल किया है।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड

शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), और सारांश जैन।