Second and last solar eclipse of 2025 : जानें समय, सूतक काल और सावधानियां

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India News Live,Digital Desk : वर्ष 2025 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगने वाला है। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा और रात 10:39 बजे शुरू होकर अगले दिन यानी 22 सितंबर को सुबह 3:29 बजे तक रहेगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण लगभग 4 घंटे 50 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय कोई भी शुभ कार्य जैसे पूजा-पाठ, विवाह या नया काम शुरू करना उचित नहीं माना जाता।

सूर्य ग्रहण 2025 कहाँ दिखाई देगा?

इस साल का यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका मतलब है कि भारत में इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं होगा। हालांकि, न्यूज़ीलैंड और अंटार्कटिका जैसे क्षेत्रों में यह साफ दिखाई देगा। इसलिए भारत में इस दौरान सूतक काल का पालन आवश्यक नहीं है। फिर भी, खगोलीय घटनाओं के प्रति जागरूक रहना हमेशा महत्वपूर्ण होता है।

साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का सूतक काल

पंचांग के अनुसार, सूर्य ग्रहण लगने से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है और ग्रहण समाप्त होने पर यह भी समाप्त हो जाता है। इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
चूंकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

भगवान का नाम जपें: शांत जगह पर बैठकर ओम नमः शिवाय या गायत्री मंत्र का जाप करें।

सूर्य को जल चढ़ाएं: सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।

दान करें: गेहूं, गुड़, तांबा, मसूर या धन का दान ग्रहण के बाद या अगले दिन करें।

ध्यान और शांति बनाए रखें: घर में शांत वातावरण रखें और सकारात्मक सोचें।

गर्भवती महिलाएं सावधान रहें: अधिक आराम करें और तेज रोशनी या नुकीली वस्तुओं से दूर रहें।

क्या न करें:

खाना न बनाएं या न खाएं: ग्रहण के दौरान भोजन से बचें।

पूजा-पाठ न करें: मंदिर में पूजा करने या मूर्तियों को छूने से बचें।

नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें: जैसे कैंची, चाकू आदि।