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May 06 2026 04:34 pm

Samsung का झटका, भारत में फिर महंगे हुए कई बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स, 2026 में 6वीं बार बढ़ी कीमतें

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India News Live, Digital Desk: अगर आप सैमसंग का नया बजट या मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग ने बिना किसी शोर-शराबे के भारत में अपने कई लोकप्रिय हैंडसेट्स की कीमतों में इजाफा कर दिया है। मई 2026 की शुरुआत से ही नई कीमतें प्रभावी हो चुकी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस साल यह छठी बार है जब कंपनी ने अपने स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ाए हैं, जिससे ग्राहकों में खासी चिंता देखी जा रही है।

Galaxy M और F सीरीज की कीमतों में लगी आग सैमसंग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेटेड लिस्टिंग के अनुसार, कंपनी की सबसे लोकप्रिय Galaxy M और Galaxy F सीरीज के कई मॉडल्स महंगे हो गए हैं। इनमें Galaxy F06, F36, F70e, M06, M17e, M17 और M36 जैसे फोन शामिल हैं। कंपनी ने लगभग सभी वेरिएंट्स की कीमतों में सीधे ₹1,000 की बढ़ोतरी की है। बार-बार हो रही इस बढ़ोतरी के कारण अब ये फोन अपने लॉन्चिंग प्राइस से काफी ऊपर पहुंच गए हैं।

एंट्री लेवल फोन अब बजट से बाहर! सैमसंग के सबसे सस्ते यानी एंट्री लेवल फोंस की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है।

Galaxy F06/M06: इनका बेस वेरिएंट (4GB+64GB) अब ₹12,499 से शुरू हो रहा है।

हैरान करने वाला अंतर: Galaxy F06 का 4GB+128GB वेरिएंट जो पहले महज ₹9,999 में उपलब्ध था, अब उसकी कीमत बढ़कर ₹13,999 हो गई है।

वहीं, इनका 6GB+128GB वेरिएंट अब ₹15,999 तक पहुंच चुका है।

मिड-रेंज सेगमेंट में भी मंहगाई की मार सैमसंग के मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की बात करें तो अब ग्राहकों को अपनी पसंद के फोन के लिए पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे:

Galaxy F36 और M36: इन मॉडल्स की कीमत अब ₹21,999 से ₹27,999 के बीच हो गई है।

Galaxy M17 सीरीज: इसकी शुरुआती कीमत अब ₹16,999 से शुरू होकर टॉप वेरिएंट के लिए ₹20,999 तक जा रही है।

इसके अलावा F70e और M17e के दाम भी ₹1,000 तक बढ़ा दिए गए हैं।

क्यों बार-बार दाम बढ़ा रही है कंपनी? सैमसंग ने आधिकारिक तौर पर इस मूल्य वृद्धि का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कुछ तकनीकी और वैश्विक कारण हैं। दरअसल, पूरी दुनिया में AI टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर्स की मांग बढ़ने से मेमोरी और स्टोरेज जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स महंगे हो गए हैं। पार्ट्स की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं।