S. Jaishankar reached China एससीओ बैठक में आतंकवाद पर कड़ा संदेश, पाकिस्तान को भी घेरा
India News Live,Digital Desk : विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों चीन दौरे पर हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को आयोजित इस बैठक में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले को प्रमुखता से उठाया और सभी सदस्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट और स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की।
यह जयशंकर की पांच साल में चीन की पहली यात्रा है, जो गलवान घाटी की 2020 की हिंसक झड़पों के बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ हमला जानबूझकर जम्मू-कश्मीर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों, योजनाकारों, और प्रायोजकों को सजा दिलाने की बात कही थी। जयशंकर ने दोहराया कि एससीओ की स्थापना ही आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ हुई थी, इसलिए इस पर किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भी मौजूद थे, जब जयशंकर ने आतंकवाद और पहलगाम हमले की बात रखी। ऐसे में उनके बयान को पाकिस्तान के प्रति कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जयशंकर ने चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना को लेकर भी भारत की आपत्तियाँ दोहराईं, खासतौर से उस हिस्से को लेकर जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग या विकास की योजना में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान सबसे पहले होना चाहिए।
कनेक्टिविटी को लेकर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) को आगे बढ़ाना चाहता है, जिससे ईरान होते हुए मध्य एशिया और रूस तक संपर्क मजबूत हो। जयशंकर ने यह भी कहा कि कुछ देश अब भी भारत के उत्पादों को अफगानिस्तान नहीं जाने देते हैं, जो क्षेत्रीय सहयोग की राह में बाधा है।
अपने भाषण के अंत में उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक स्थिरता के लिए "आपसी विश्वास" की तत्काल आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर हैं और सामूहिक चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुटता जरूरी है।