रूस ने पाकिस्तान के साथ आर्थिक समझौते की खबरों को बताया फर्जी, भारत के साथ रिश्तों को बिगाड़ने की कोशिश करार

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India News Live,Digital Desk : रूस ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सहयोग कर रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी मीडिया में यह रिपोर्ट सामने आई थी कि रूस और पाकिस्तान एक बार फिर स्टील मिल जैसे प्रोजेक्ट पर साथ काम कर रहे हैं।

खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक हारून अख्तर खान और रूस के प्रतिनिधि डेनिस नजरूफ के बीच इस्लामाबाद में 13 मई को एक बैठक हुई थी। इसमें कराची में एक नई स्टील मिल स्थापित करने पर विचार किया गया और संयुक्त कार्य समूह बनाने की बात कही गई थी।

लेकिन रूस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रूसी अधिकारियों ने साफ कहा कि कोई मल्टीबिलियन डॉलर का समझौता नहीं हुआ है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की ओर से फैलाई जा रही ये रिपोर्टें झूठी और गढ़ी हुई हैं, जिनका मकसद भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों को नुकसान पहुंचाना है।

एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी मीडिया की खबरें सिर्फ बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं और इसमें सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भारत और रूस की 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' को कमजोर करने की कोशिश है, जो नाकाम रहेगी।

इस बीच, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी स्पष्ट किया कि रूस भारत और चीन के साथ मिलकर "आरआईसी" यानी Russia-India-China फॉर्मेट को फिर से सक्रिय करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि तीनों देश मिलकर आपसी सहयोग बढ़ाएं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नाटो देश भारत को चीन के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।