'मुझे पता है कि वर्ल्ड कप जीतने पर कैसा लगता है...': 2027 वनडे विश्व कप खेलने पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने इरादे पूरी तरह साफ कर दिए हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले 'हिटमैन' ने खुलकर बताया है कि आखिर वे 2027 के महाकुंभ में क्यों उतरना चाहते हैं। रोहित शर्मा ने कहा कि उन्हें बखूबी पता है कि देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने पर कैसा महसूस होता है और वे उस ऐतिहासिक व जादुई अहसास को एक बार फिर से जीना चाहते हैं। 2023 के वनडे विश्व कप फाइनल में दिल टूटने के बाद, रोहित का यह बयान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों में नई ऊर्जा भर रहा है।
'काम कभी पूरा नहीं होता': 2007 और 2024 के खिताबों का दिया हवाला
एक हालिया इंटरव्यू में अपने भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप को लेकर बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि जब तक कोई खिलाड़ी मैदान पर खेल रहा होता है, तब तक उसके पास हासिल करने के लिए हमेशा कुछ नया होता है।
रोहित ने कहा, "मेरे मन में कभी यह ख्याल नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो चुका है। भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना एक बेहद खास और अनूठा अहसास होता है। मैंने 2007 में टी-20 विश्व कप जीता था, तब मैं सिर्फ 20 साल का था। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर में ही इतना बड़ा खिताब जीतना बड़ी बात थी। इसके बाद हमने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती और फिर 11 साल का लंबा सूखा रहा, जब हम कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सके। जब 2024 में हमने टी-20 वर्ल्ड कप जीता, तो समझ आया कि यह ट्रॉफी कितनी ज्यादा जरूरी थी। वह अहसास आज भी मेरे अंदर जिंदा है। मुझे पता है कि विश्व कप जीतने पर कैसा लगता है और मैं उस रोमांच व खुशी को दोबारा महसूस करना चाहता हूं। हमने जो जश्न मनाया, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।'
2023 की अधूरी दास्तान और आईसीसी टूर्नामेंट्स की अनूठी चुनौती
साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने लगातार 10 मैच जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि, अहमदाबाद में खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार ने करोड़ों फैंस के साथ-साथ रोहित शर्मा का भी दिल तोड़ दिया था।
आईसीसी टूर्नामेंट्स के दबाव और चुनौती पर चर्चा करते हुए रोहित ने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज और मल्टी-नेशन आईसीसी इवेंट्स में जमीन-आसमान का फर्क होता है। उन्होंने कहा, "जब आप आईसीसी टूर्नामेंट खेलते हैं, तो अलग-अलग परिस्थितियों में, अलग-अलग मैदानों पर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए आपकी सोच और तैयारी भी एकदम अलग होनी चाहिए। यही वह चुनौती है, जो मुझे प्रेरित रखती है। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप जीतना एक अविश्वसनीय उपलब्धि होगी।'
फिटनेस पर पूरा जोर, एक समय में एक सीरीज पर फोकस
दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक अपनी फिटनेस बनाए रखने के सवाल पर रोहित ने बेहद व्यावहारिक नजरिया पेश किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अभी से बहुत आगे की सोचकर खुद पर बेवजह का दबाव नहीं बनाना चाहते। रोहित ने कहा, "मैं खुद को फिट रखने के लिए लगातार मेहनत कर रहा हूं। मेरा पूरा ध्यान अभी वर्तमान पर है। अभी से यह सोचना कि 2027 में क्या होगा, सही रणनीति नहीं है। मेरी कोशिश हर आगामी सीरीज और टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। मैं हर चुनौती को पार करते हुए कदम-दर-कदम आगे बढ़ना चाहता हूं। लक्ष्य बिल्कुल साफ है और मैं अपनी फिटनेस व फॉर्म के जरिए उस स्तर को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं।'