ICC के नए नियमों से बल्लेबाजों पर गिरेगी गाज: अब क्रीज पर समय बर्बाद किया तो सीधे 5 रन की पेनल्टी
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी-20) के प्लेइंग कंडीशंस (Playing Conditions) में बड़े और दूरगामी बदलावों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के नियमों की सिफारिशों को शामिल करते हुए आईसीसी क्रिकेट कमेटी ने खेल की गति तेज करने, समय की बर्बादी रोकने और अंपायरिंग में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों की किताब को अपडेट किया है। यह नए नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज और टूर्नामेंटों पर प्रभावी हो गए हैं।
इन संशोधनों में सबसे बड़ा प्रहार बल्लेबाजों की लेटलतीफी और जानबूझकर समय बर्बाद करने की आदत पर किया गया है। अब बल्लेबाज अगली गेंद का सामना करने के लिए समय पर तैयार नहीं हुए, तो उनकी टीम को भारी पेनल्टी का सामना करना पड़ेगा।
1. समय बर्बाद करने पर बल्लेबाजों पर 5 रन की पेनल्टी
अब तक ओवर-रेट बनाए रखने का दबाव सिर्फ गेंदबाजी करने वाली टीम पर होता था, लेकिन अब बल्लेबाजों पर भी शिकंजा कस दिया गया है:
पहली गलती: तय समय के भीतर स्ट्राइक पर तैयार न होने पर बल्लेबाज को पहली आधिकारिक चेतावनी (Warning) मिलेगी।
दूसरी गलती: दोबारा ऐसा करने पर अंपायर अंतिम चेतावनी (Final Warning) जारी करेंगे।
तीसरी और हर अगली गलती: यदि बल्लेबाज तीसरी बार या उसके बाद भी समय पर तैयार नहीं होता है, तो फील्डिंग टीम को सीधे 5 पेनल्टी रन दे दिए जाएंगे।
बार-बार नियम का उल्लंघन करने पर आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
2. रन-आउट और स्टंपिंग: सिर्फ गेंद छूने से नहीं चलेगा काम
आईसीसी ने रन-आउट और स्टंपिंग के नियम को और अधिक स्पष्ट और तकनीकी बना दिया है। अब बेल्स गिराते समय फील्डर या विकेटकीपर का गेंद पर पूर्ण नियंत्रण (Complete Control) होना अनिवार्य होगा। यदि किसी फील्डर के हाथ से गेंद सिर्फ छू रही है और उसी दौरान स्टंप्स टूट जाते हैं, तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा।
3. दिन के टेस्ट मैचों में भी पिंक बॉल का ट्रायल
खराब रोशनी (Bad Light) के कारण खेल रुकने और समय की बर्बादी से निपटने के लिए आईसीसी ने बड़ा फैसला लिया है। अब दोनों टीमों की आपसी पूर्व सहमति से सामान्य डे-टेस्ट (दिन के मैच) में भी गुलाबी गेंद (Pink Ball) से मैच खेला जा सकेगा। हालांकि, मैच शुरू होने के बाद गेंद का रंग बदला नहीं जा सकेगा; पूरे मैच में उसी प्रकार की गेंद का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
4. टेस्ट में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर भी जारी रहेगा खेल
पुराने नियम के तहत यदि दिन के खेल के आखिरी ओवर के दौरान कोई विकेट गिरता था, तो दिन का खेल वहीं समाप्त घोषित कर दिया जाता था। नए नियम के तहत, यदि समय और परिस्थितियां अनुकूल हैं, तो ओवर पूरा कराया जाएगा और बची हुई गेंदें फेंकी जाएंगी। इससे अगले दिन की शुरुआत में औपचारिकता पूरी करने का समय बचेगा और गेंदबाजी टीम को तुरंत दबाव बनाने का मौका मिलेगा।
5. लेग-साइड वाइड नियम बना स्थायी
व्हाइट बॉल क्रिकेट (ODI और T20I) में लेग-साइड वाइड को लेकर चल रहे ट्रायल को अब स्थायी नियम बना दिया गया है। यदि कोई बल्लेबाज गेंद फेंके जाने के समय या उससे ठीक पहले अपनी क्रीज में बहुत अधिक हिलता-डुलता है, तो अंपायर गेंद फेंकते समय बल्लेबाज के पैरों की मूल स्थिति को संदर्भ मानकर ही वाइड का फैसला करेंगे, जिससे गेंदबाजों को राहत मिलेगी।
6. ओवरथ्रो (Overthrow) की परिभाषा बिल्कुल साफ
ओवरथ्रो को लेकर बने संशय को खत्म करते हुए आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि केवल वही थ्रो 'ओवरथ्रो' माना जाएगा जो रन रोकने या रन-आउट करने के इरादे से सीधे स्टंप्स की दिशा में फेंका गया हो। यदि कोई फील्डर गेंद को रोकने की कोशिश में मिसफील्ड करता है या दूसरे साथी फील्डर को सामान्य पास देता है, तो उसे ओवरथ्रो की श्रेणी में नहीं गिना जाएगा।
7. टी-20 में 15 मिनट का फिक्स इनिंग्स ब्रेक
टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अब पारियों के बीच का ब्रेक (Innings Interval) 15 मिनट का तय कर दिया गया है। मैच में बारिश या किसी अन्य रुकावट के कारण समय कम होने की स्थिति में इस ब्रेक को घटाकर न्यूनतम 10 मिनट किया जा सकेगा। इसके साथ ही वनडे और टी-20 में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हेड कोच या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि को मैदान पर आकर रणनीति साझा करने की अनुमति दे दी गई है।
8. महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंदों के अलग मानक
क्रिकेट गेंदों के निर्माण और आकार को लेकर बड़ा मानकीकरण किया गया है। अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए तीन अलग-अलग भार और परिधि (Size and Weight) के मानक तय किए गए हैं, ताकि महिला और जूनियर खिलाड़ियों के लिए गेंद की ग्रिप और वजन संतुलित रह सके।