होली से पहले घर से निकाल दें ये 4 चीजें, वरना रंगों के उत्सव में खलल डालेगा वास्तु दोष
India News Live,Digital Desk : रंगों का त्योहार होली (Holi 2026) न केवल खुशियों और उमंग का प्रतीक है, बल्कि यह नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का भी अवसर है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, होली खेलने से पहले घर की शुद्धि करना अत्यंत आवश्यक है। माना जाता है कि अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा वाली चीजें मौजूद हों, तो देवी लक्ष्मी का आगमन रुक जाता है और आर्थिक तंगी घेर लेती है। वास्तु दोष से बचने के लिए रंग खेलने से पहले इन 4 चीजों को घर से तुरंत बाहर कर देना चाहिए।
1. टूटे बर्तन और चटके हुए आईने: दरिद्रता की निशानी
वास्तु शास्त्र में टूटे हुए कांच या दरार वाले बर्तनों को राहु का प्रतीक माना जाता है। अगर आपके रसोईघर में चटके हुए कप-प्लेट हैं या घर में कोई टूटा हुआ आईना है, तो उसे फौरन हटा दें। ये चीजें घर में मानसिक तनाव और दरिद्रता का कारण बनती हैं। होली की सफाई में इन्हें बाहर कर घर में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें।
2. बंद घड़ियां: तरक्की में रुकावट
घड़ी समय की गतिशीलता को दर्शाती है। वास्तु के अनुसार, घर में बंद पड़ी घड़ी आपकी उन्नति को बाधित कर सकती है। रुकी हुई घड़ी घर के सदस्यों के जीवन में ठहराव, आलस्य और बाधाएं लाती है। यदि कोई घड़ी ठीक नहीं हो सकती, तो उसे होली से पहले विसर्जित कर देना ही श्रेयस्कर है, ताकि आपके जीवन में प्रगति का पहिया चलता रहे।
3. फटे जूते-चप्पल: शनि दोष का कारण
अक्सर लोग पुराने या फटे हुए जूते-चप्पलों को स्टोर रूम या पलंग के नीचे रख देते हैं। शास्त्रों के अनुसार, फटे जूते-चप्पल शनि दोष और कंगाली को निमंत्रण देते हैं। सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत के लिए पुरानी गंदगी और अनुपयोगी जूतों को घर से निकाल दें। आप चाहें तो अच्छे लेकिन पुराने कपड़ों का दान कर पुण्य भी कमा सकते हैं।
4. खंडित मूर्तियां और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान
घर के मंदिर में खंडित मूर्तियों का होना भारी वास्तु दोष माना जाता है। इसके साथ ही, घर के कोनों में पड़े खराब बल्ब, पुराने रेडियो या बिजली के तार राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाते हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि खराब इलेक्ट्रॉनिक्स घर में कलह और विवाद पैदा करते हैं। होली की पूजा से पहले इन चीजों को हटाकर घर को व्यवस्थित करें।
होली पर सकारात्मकता का करें स्वागत
वास्तु के इन सरल नियमों का पालन कर आप अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना सकते हैं। याद रखें, सफाई केवल धूल-मिट्टी की नहीं, बल्कि उस 'ऊर्जा' की भी होनी चाहिए जो आपकी सफलता के आड़े आ रही है।