Rahul Gandhi's serious allegation on India's foreign policy 'मोदी सरकार की अहंकारी नीति से देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर अकेला, ऑपरेशन सिंदूर को नहीं मिला कोई समर्थन'

Post

India News Live,Digital Desk : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि मौजूदा सरकार के "घमंड और अहंकार" के कारण भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अकेला पड़ गया है, जिसके चलते महत्वपूर्ण मुद्दों पर उसे दुनिया का समर्थन नहीं मिल पाता। राहुल गांधी के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे संवेदनशील मामले में भी भारत को किसी देश से समर्थन नहीं मिला।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत को कोई भी समर्थन क्यों नहीं मिला? इसका कारण बताते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आज भारत के रिश्ते केवल "2-3 चुनिंदा देशों" तक ही सीमित हो गए हैं, और वह पूरी दुनिया से अपने संबंध विकसित नहीं कर पाया है।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी पार्टी के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि पहले जब कोई मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर आता था, तो भारत को पूरी दुनिया का कूटनीतिक समर्थन मिलता था। उन्होंने बांग्लादेश युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी अमेरिका के विरोध के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत को दुनिया के कई देशों का समर्थन मिला और एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई थी।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे इसे व्यक्तिगत कार्यक्रम या अपने निजी इवेंट की तरह लेते हैं। उन्होंने कहा, "घमंड और अहंकार" ने देश को अकेला कर दिया है और यह दिखाता है कि भारत अब मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर काम नहीं कर रहा है। उनका कहना था कि भारत अपनी "घूमने और घूंघट में लपेटने" वाली विदेश नीति के कारण वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति खो रहा है, और यही कारण है कि चीन व रूस जैसे देशों से संबंधों में कमी आई है।

कुल मिलाकर, राहुल गांधी का आरोप है कि मोदी सरकार की "अहंकारी और संकीर्ण" विदेश नीति ने भारत को विश्व मंच पर कमजोर कर दिया है, जिससे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर भी उसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में कठिनाई हो रही है।