खालसा टैक्स को लेकर पंजाब VS हिमाचल प्रदेश! CM सुक्खू की मुख्यमंत्री भगवंत मान से कड़क मांग
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंजाब के कीरतपुर साहिब में निहंग सिखों द्वारा शुरू किए गए 'खालसा राज टैक्स' (Khalsa Raj Tax) को लेकर पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच अंतर-राज्यीय सीमा पर भारी राजनीतिक और रणनीतिक तनाव पैदा हो गया है। हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के वाहनों से वसूले जा रहे एंट्री टैक्स (Entry Tax) के जवाब में पंजाब की सीमा के भीतर शुरू हुए इस नए काउंटर-टैक्स विवाद ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तुरंत एक्शन लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर विशेष और कड़क बातचीत की है। सीएम सुक्खू ने इस 'खालसा टैक्स' को पूरी तरह से असंवैधानिक और अवैध करार देते हुए मान सरकार से इसे तुरंत और स्थाई रूप से हटाने की मांग की है।
"अकाली दल और भाजपा की सोची-समझी साजिश..." हिमाचल के कैबिनेट मंत्री का बड़ा आरोप
हिमाचल प्रदेश के कद्दावर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस हाई-प्रोफाइल बातचीत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए पंजाब के विपक्षी दलों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री जगत सिंह नेगी ने दोटूक लहजे में कहा:
"यह तथाकथित खालसा टैक्स पूरी तरह से गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। यह असल में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। पंजाब में जब भी गर्मियों का टूरिस्ट सीजन (पर्यटन सत्र) शुरू होता है, तो हिमाचल की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए जानबूझकर इस तरह की विघटनकारी हरकतें की जाती हैं। पहले कसोल में कुछ बाहरी पर्यटकों ने खुलेआम गोलियां चलाईं और अब हिमाचल की सीमा के ठीक बाहर बॉर्डर पर यह नया विवाद खड़ा कर दिया गया है ताकि सैलानियों में खौफ पैदा हो।"
अपनी ही सरकार के खिलाफ हुए पूर्व कांग्रेस विधायक, लिखा- "हिमाचल सरकार भीख मांग ले"
इस पूरे विवाद में उस वक्त एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया, जब हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की ज्वाली सीट से कांग्रेस के पूर्व फायरब्रांड विधायक नीरज भारती ने अपनी ही पार्टी की सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और पंजाब के निहंग सिखों के इस कदम का खुला समर्थन कर दिया।
नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक बेहद विवादित और तीखा पोस्ट लिखा:
"अगर हिमाचल सरकार के पास पैसे की इतनी ही कमी है और खजाना खाली है, तो बाहर से आने वाले पर्यटकों और गाड़ियों को 'स्टेट एंट्री टैक्स' के नाम पर बॉर्डर पर टॉर्चर करने की बजाय सरकार को प्रदेश के ही लगभग 70 लाख हिमाचलियों से 10-10 या 15-15 हजार रुपए का दान (भीख) मांग लेना चाहिए। शायद राज्य के 40-50 लाख स्वाभिमानी लोग यह भीख दे भी दें, जिससे सरकारी खजाना ज्यादा जल्दी भर जाएगा। आज अगर हम हिमाचल में बाहर से आने वालों को परेशान करेंगे, तो कल जब हिमाचल के लोग दूसरे राज्यों में जाएंगे, तो उन्हें भी उसी नफरत और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मैं पूरी तरह से खालसा भाइयों के इस कदम का समर्थन करता हूं। जब हिमाचल प्रदेश में बाहर की गाड़ियों से एंट्री टैक्स वसूला जा सकता है, तो फिर देश के हर राज्य को हिमाचल के वाहनों से टैक्स वसूलने का पूरा अधिकार है।"
जानिए क्या है 'खालसा टैक्स' का पूरा विवाद? हाईवे पर निहंगों ने कैसे शुरू किया 'राज'
दरअसल, इस पूरे विवाद की पटकथा बुधवार को लिखी गई, जब पंजाब के कीरतपुर में भारी संख्या में एकत्र हुए निहंग सिखों ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी गाड़ियों पर लगाए गए भारी टैक्स के विरोध में 'खालसा राज टैक्स' की घोषणा कर दी। निहंग सिंहों ने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर नाका लगाकर हिमाचल प्रदेश के नंबर (HP Number) वाली गाड़ियों को रोकना शुरू कर दिया और सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बाकायदा रसीद काटकर 'खालसा टैक्स' की वसूली की।
हालांकि, इस विवाद पर अपनी सफाई देते हुए निहंग सिखों के प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि वे हिमाचल के वाहन चालकों से किसी भी प्रकार का जबरन या अनिवार्य शुल्क नहीं वसूल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चलाई गई, जहां ड्राइवर अपनी मर्जी से जो भी श्रद्धा या राशि (10, 20 या 50 रुपये) दे रहे थे, उसे ही स्वीकार किया गया और किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया गया।
निहंगों का तर्क है कि इस टैक्स से मिलने वाली पूरी राशि का उपयोग 'सरबत के भले' (सबके कल्याण) और लंगर जैसे सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना था कि आम जनता, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली हिमाचल सरकार की जनविरोधी नीतियों का इस तरह शांतिपूर्ण विरोध किया जाना बेहद जरूरी है। इस नाकेबंदी के बाद हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसके बाद पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निहंग सिंहों को काफी समझाया-बुझाया और दोपहर बाद इस टैक्स वसूली को बंद करवाया। लेकिन हिमाचल सरकार अब इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।