"देश में डर बेचना बंद कीजिए..." राहुल गांधी के 'आर्थिक सुनामी' वाले बयान पर भाजपा का करारा प्रहार
भारत के राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में इस वक्त सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच एक बेहद तीखा वाकयुद्ध छिड़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा देश में 'आर्थिक सुनामी' आने और मोदी सरकार के जल्द गिरने के दावों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद आक्रामक और चौतरफा पलटवार किया है।
भाजपा ने राहुल गांधी को दोटूक लहजे में हिदायत दी है कि वह देश की आम जनता के बीच काल्पनिक डर और दहशत फैलाना तुरंत बंद करें। भाजपा के आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तमाम आर्थिक संकेतकों, विदेशी मुद्रा भंडार और सरकारी योजनाओं के ठोस आंकड़े पेश करते हुए राहुल गांधी के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
"ईरान युद्ध से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार" - अमित मालवीय का राहुल को करारा जवाब
भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक के बाद एक कई आंकड़े पेश करते हुए राहुल गांधी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मालवीय ने तर्क दिया कि मौजूदा समय में चल रहे ईरान युद्ध और वैश्विक उठापटक से उपजे किसी भी आर्थिक हालात का मुकाबला करने के लिए भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद और तैयार है।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह अपनी राजनीति चमकाने के लिए 'भय का व्यापार' (भय न बेचें) करना बंद करें। उन्होंने दावा किया कि भारत की आर्थिक सुरक्षा प्रणालियां असल में यूपीए (UPA) शासनकाल के दौरान पूरी तरह खोखली और कमजोर हो गई थीं, जिन्हें मोदी सरकार ने मजबूत शॉक अब्जॉर्बर देकर रीढ़ की हड्डी दी है।
गौरतलब है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी एक साल के भीतर देश के प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे, क्योंकि उनके शासन चलाने और चीजों को नियंत्रित करने का पूरा सिस्टम अब ध्वस्त हो रहा है। राहुल ने यह गंभीर आरोप भी लगाया था कि मोदी सरकार जनता के बढ़ते आक्रोश और दबाव को कुचलने के लिए देश में दोबारा आपातकाल (Emergency) जैसा तानाशाही कदम उठा सकती है।
मजबूत आर्थिक संकेतकों की बौछार: पीएमआई (PMI) से लेकर विदेशी निवेश तक रिकॉर्ड तोड़
अमित मालवीय ने राहुल गांधी के आर्थिक मंदी के दावों को झुठलाने के लिए हालिया आर्थिक आंकड़ों की एक लंबी लिस्ट जारी की:
ई-वे बिल में भारी उछाल: मई 2026 के महीने में देश के भीतर ई-वे बिल (E-way Bill) जेनरेट करने के मामले में 12.9 फीसदी का बंपर इजाफा दर्ज किया गया है, जो घरेलू व्यापार की मजबूती को दर्शाता है।
मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विसेज में दम: देश में औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की गतिविधियां बेहद मजबूत स्थिति में हैं। मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई (PMI) 56.6 फीसदी और सर्विसेज पीएमआई 58.9 फीसदी के उच्च स्तर पर बनी हुई है।
कंट्रोल में महंगाई दर: अप्रैल के महीने में देश की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) महज 3.48 फीसदी दर्ज की गई है, जो रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के तय सुरक्षित टारगेट से भी काफी नीचे है।
ऐतिहासिक विदेशी निवेश: वित्त वर्ष 2026 में भारत में विदेशी निवेश (FDI) ने 94.5 बिलियन डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे शिखर को छुआ है। इसके साथ ही वैश्विक संकट के बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) पूरी तरह स्थिर और मजबूत बना हुआ है।
वैश्विक झटकों से जनता को बचाने के लिए सरकार के 3 बड़े 'सुरक्षा कवच'
अमित मालवीय ने बताया कि केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठी है, बल्कि उपभोक्ताओं और व्यापारिक संगठनों को वैश्विक मंदी के थपेड़ों से बचाने के लिए लगातार सीधे उपाय कर रही है:
उत्पाद शुल्क में भारी कटौती: जब दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं, तब केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में भारी कटौती कर आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बड़ी राहत दी। घरेलू स्तर पर अनाज और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरत के मुताबिक निर्यात पर प्रतिबंध लगाए गए।
एमएसएमई (MSME) को 100% गारंटी कवर: सरकार की 'ईसीएलजीएस 5.0' (ECLGS 5.0) योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को 100 फीसदी गारंटी कवरेज दी जा रही है। वहीं, नॉन-एमएसएमई और अंतरराष्ट्रीय ईंधन संकट से जूझ रही घरेलू एयरलाइंस को 90 फीसदी का वित्तीय कवरेज दिया जा रहा है, जिसके तहत प्रभावित एयरलाइंस प्रति कर्जदार 1500 करोड़ रुपए तक की बड़ी सरकारी मदद पा सकती हैं ताकि देश में नौकरियां सुरक्षित रहें।
कोयला गैसीफिकेशन में भारी निवेश: केंद्रीय कैबिनेट ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट के लिए 37,500 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर की है, जिसका लक्ष्य देश में 75 मिलियन टन गैसिफिकेशन क्षमता का निर्माण करना और 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपए के नए निजी निवेश को आकर्षित करना है।
यूपीए सरकार के इतिहास पर तीखा हमला बोलते हुए मालवीय ने कहा कि साल 2009 से 2014 के बीच कांग्रेस के राज में भारतीय रुपया 36 फीसदी तक टूट गया था, जबकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार जुलाई 2011 के 294 बिलियन डॉलर से घटकर अगस्त 2013 में महज 256 बिलियन डॉलर रह गया था।
शहजाद पूनावाला का वार: "आपातकाल देश में नहीं, कांग्रेस पार्टी के अंदर है"
दूसरी तरफ, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी एक वीडियो बयान जारी कर राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी की यह टिप्पणियां असल में खुद कांग्रेस पार्टी के काले इतिहास और उसकी तानाशाही मानसिकता को दर्शाती हैं।
पूनावाला ने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा, "राहुल गांधी एक ऐसे परिवार की विरासत से आते हैं, जिसका खुद का इतिहास देश पर जबरन आपातकाल थोपने का रहा है। इसीलिए उन्हें हर जगह और हर सरकार में आपातकाल ही नजर आता है। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में संविधान को केवल एक बार बेरहमी से कुचला गया था और वह तानाशाही कदम राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी ने उठाया था।"
भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि आज की तारीख में वास्तविक और असली आपातकाल किसी देश में नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहा है, जहां आंतरिक लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है। पूनावाला ने अंत में कहा कि राहुल गांधी पहले भी देश की अर्थव्यवस्था, स्वदेशी कोविड वैक्सीन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को बदनाम करने के लिए भ्रामक और झूठे बयान देते रहे हैं।