स्वतंत्रता दिवस पर विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति पर सियासी चर्चा

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India News Live,Digital Desk : आज भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और देशवासियों को शुभकामनाएं दी। इस समारोह में सबकी नजरें विपक्ष के नेताओं पर थीं, लेकिन लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी और राज्यसभा के विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

यह पहली बार है जब दोनों प्रमुख विपक्षी नेता किसी बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अजय उपाध्याय ने इस पर प्रतिक्रिया दी और बताया कि विपक्ष के नेता का पद प्रधानमंत्री के बाद अग्रिम पंक्ति में बैठने का अधिकार रखता है, जिसे कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा प्राप्त है। यह परंपरा जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक निभाई गई है।

उपाध्याय ने कहा कि पिछली बार जब राहुल गांधी विपक्षी नेता बने, तो उन्हें पीछे की पंक्ति में बैठाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्तिगत मुद्दे का मामला नहीं है, बल्कि संवैधानिक पद की गरिमा का मामला है। उनका कहना था कि संवैधानिक पदों के साथ इस तरह का व्यवहार संविधान की मर्यादा का उल्लंघन है।

भाजपा प्रवक्ताओं ने कांग्रेस की टिप्पणी पर पलटवार किया। आरपी सिंह ने सीटों की व्यवस्था पर सवाल उठाया, जबकि शहजाद पूनावाला ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद संवैधानिक है और इस कार्यक्रम में शामिल होना उनका कर्तव्य है।