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November 02 2026 02:34 am

अमेरिका के लिए AI हथियार बनाएगा OpenAI? डील के बाद कर्मचारियों में नाराजगी, टेक जगत में छिड़ी नई बहस

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India News Live, Digital Desk : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल टेक्नोलॉजी का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य रणनीतियों का हिस्सा बनता जा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी टेक कंपनी OpenAI को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। खबरों के मुताबिक कंपनी की अमेरिकी रक्षा विभाग यानी United States Department of Defense (पेंटागन) के साथ संभावित साझेदारी को लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है।

पेंटागन के साथ संभावित AI डील पर विवाद

रिपोर्ट्स के अनुसार OpenAI और AI रिसर्च कंपनी Anthropic जैसी कंपनियां अमेरिकी रक्षा परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक उपलब्ध कराने पर काम कर रही हैं। माना जा रहा है कि यह तकनीक भविष्य में सैन्य रणनीति, निगरानी सिस्टम और स्वायत्त हथियारों के विकास में इस्तेमाल हो सकती है।

हालांकि इस संभावित सहयोग को लेकर कंपनी के अंदर ही बहस छिड़ गई है। कई कर्मचारियों का मानना है कि AI का इस्तेमाल युद्ध और हथियारों के लिए करना नैतिक रूप से गलत हो सकता है।

कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

कंपनी के भीतर कुछ कर्मचारियों ने चिंता जताई है कि AI टेक्नोलॉजी का सैन्य इस्तेमाल मानवता के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शिक्षा, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि युद्ध के लिए।

कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि यदि AI सिस्टम स्वायत्त हथियारों का हिस्सा बनते हैं, तो इससे वैश्विक स्तर पर हथियारों की नई दौड़ शुरू हो सकती है।

AI के सैन्य उपयोग पर वैश्विक बहस

विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और कई देश इसे रक्षा क्षेत्र में भी शामिल कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही AI के नैतिक उपयोग और संभावित खतरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है।

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि AI का सैन्य उपयोग बिना स्पष्ट नियमों के बढ़ता है, तो इससे भविष्य में सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

टेक कंपनियों पर बढ़ा दबाव

इस पूरे विवाद के बाद बड़ी टेक कंपनियों पर यह दबाव बढ़ गया है कि वे AI तकनीक के उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति बनाएं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना जरूरी है, ताकि तकनीक मानवता के हित में काम करे और किसी बड़े खतरे का कारण न बने।