Numerology Alert: पार्टनर चुनने से पहले सावधान! इन 3 मूलांकों के साथ रिश्ता बन सकता है 'टॉक्सिक'

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India News Live,Digital Desk : क्या आपके रिश्ते में छोटी-छोटी बातों पर तकरार बढ़ती जा रही है? क्या पार्टनर का स्वभाव आपके लिए मानसिक तनाव का कारण बन रहा है? अंकज्योतिष (Numerology) के अनुसार, किसी व्यक्ति का स्वभाव उसके मूलांक और उससे संबंधित ग्रह पर निर्भर करता है। कई बार ग्रहों की विशेष ऊर्जा के कारण कुछ मूलांक वाले जातकों का व्यवहार अनजाने में ही 'टॉक्सिक' होने लगता है, जिससे पार्टनर के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल हो जाता है। अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए उन 3 मूलांकों के बारे में जिन्हें पार्टनर चुनने से पहले उनके स्वभाव की गहराई को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।

मूलांक 1: जब लीडरशिप बन जाए ईगो की वजह

अंकज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को होता है, उनका मूलांक 1 होता है। इस मूलांक का स्वामी 'सूर्य' है। सूर्य की ऊर्जा इन्हें बेहतरीन लीडरशिप क्वालिटी और आत्मविश्वास देती है। हालांकि, रिश्ते में यही गुण कई बार दोष बन जाते हैं। मूलांक 1 वाले लोग अक्सर अपने पार्टनर पर हावी होने की कोशिश करते हैं। यदि पार्टनर उनकी राय से सहमत न हो, तो वे इसे अपने आत्मसम्मान (Ego) पर ले लेते हैं।

टिप: मूलांक 1 वालों को अपने पार्टनर को स्पेस देना चाहिए और 'मैं' के बजाय 'हम' पर ध्यान देना चाहिए।

मूलांक 8: शनि का अनुशासन और भावनाओं की कमी

महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है, जिसका स्वामी ग्रह 'शनि' है। शनि के प्रभाव के कारण ये लोग बेहद अनुशासित, मेहनती और प्रैक्टिकल होते हैं। लेकिन रिश्तों के मामले में ये अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में पीछे रह जाते हैं। इनका रूखा व्यवहार और अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहना पार्टनर को अकेलापन महसूस करा सकता है। संवाद की कमी (Communication Gap) के कारण इनका रिश्ता धीरे-धीरे बोझिल और टॉक्सिक होने लगता है।

टिप: मूलांक 8 वालों को अपने काम के साथ-साथ रिश्तों को भी समय देना चाहिए और भावनाओं को खुलकर जाहिर करना चाहिए।

मूलांक 9: मंगल का गुस्सा और पजेसिव व्यवहार

जिनका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 9 है। इस मूलांक का स्वामी 'मंगल' है। मंगल इन्हें असीम ऊर्जा और जुनून (Passion) देता है, लेकिन साथ ही अत्यधिक गुस्सा और जल्दबाजी भी लाता है। ये लोग अक्सर गुस्से में आकर ऐसी बातें बोल देते हैं जो पार्टनर के दिल को गहराई तक चोट पहुंचाती हैं। इनका पजेसिव स्वभाव पार्टनर को बंधन महसूस करा सकता है, जो रिश्ते के टूटने की बड़ी वजह बनता है।

टिप: मूलांक 9 वालों को अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए। योग और ध्यान इनके स्वभाव में सौम्यता ला सकते हैं।

ग्रहों का खेल: क्यों पैदा होता है टकराव?

न्यूमेरेलॉजी के अनुसार, मूलांक 1 का ईगो, मूलांक 8 का इमोशनल डिस्टेंस और मूलांक 9 का गुस्सा उनके ग्रहों (सूर्य, शनि, मंगल) की ऊर्जा के कारण होता है। जब दो व्यक्तियों के ग्रहों की ऊर्जा का आपस में टकराव होता है, तो रिश्ते में संतुलन बनाना कठिन हो जाता है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इन मूलांकों के लोग बुरे होते हैं, बल्कि उनके स्वभाव की कुछ खास प्रवृत्तियां रिश्तों में चुनौतियां पैदा करती हैं।

कैसे सुधारें रिश्ता? प्रो-टिप

यदि आपका या आपके पार्टनर का मूलांक इनमें से एक है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिषीय उपाय और सही संवाद किसी भी रिश्ते को बचा सकते हैं। सामने वाले के व्यवहार के पीछे के ज्योतिषीय कारण को समझकर आप धैर्य के साथ बैलेंस बना सकते हैं। याद रखें, आपसी समझ और बातचीत ही हर समस्या का असली समाधान है।