Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर इन चीजों का दान बना देगा आपको मालामाल

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India News Live,Digital Desk : हिंदू धर्मग्रंथों में वैशाख पूर्णिमा को सभी पूर्णिमा तिथियों में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। जगत के पालनहार भगवान विष्णु को वैशाख मास अति प्रिय है, वहीं इसी दिन शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध का जन्म भी हुआ था, इसलिए इसे 'बुद्ध पूर्णिमा' के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। ब्रह्मा जी ने वैशाख माह को सभी महीनों में श्रेष्ठ बताते हुए इसके धार्मिक महत्व की पुष्टि की है। साल 2026 में 1 मई को मनाई जाने वाली इस पूर्णिमा पर दान-पुण्य का विशेष विधान है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान न केवल आर्थिक तंगी दूर करता है, बल्कि अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति दिलाता है। अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में विस्तार से जानें इस दिन किन वस्तुओं का दान करना आपके भाग्य को चमका सकता है।

अक्षय फल देता है वैशाख पूर्णिमा का दान

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा के दिन किया गया दान 'अक्षय' होता है, अर्थात इसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन दान करने से जातक को इहलोक में सुख-सुविधाएं और परलोक में सद्गति प्राप्त होती है। वैशाख मास की भीषण गर्मी को देखते हुए इस समय जल, अन्न और छाया प्रदान करने वाली वस्तुओं का दान महादान की श्रेणी में आता है। विद्वानों का मत है कि इस दिन किया गया दान सोने, चांदी या भूमि दान से भी अधिक फलदायी होता है, क्योंकि यह मनुष्य के साथ-साथ देवताओं और पितरों को भी तृप्ति प्रदान करता है।

इन 10 चीजों के दान से चमक जाएगी किस्मत

वैशाख पूर्णिमा के दिन अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार नीचे दी गई वस्तुओं का दान अवश्य करना चाहिए:

जल पात्र और कलश: प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा धर्म है, इसलिए मिट्टी का घड़ा या शीतल जल से भरा पात्र दान करें।

अन्न और फल: चावल, चीनी और मौसमी फलों का दान घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होने देता।

छाता और चप्पलें: गर्मी से राहत दिलाने के लिए जरूरतमंदों को छाता और जूते-चप्पल भेंट करें।

पंखा और कुल्हड़: हाथ से झलने वाला पंखा और मिट्टी के बर्तन दान करना शुभ माना जाता है।

तिल और घी: शास्त्रों में तिल और शुद्ध घी का दान पापों का नाश करने वाला बताया गया है।

नमक: भोजन में स्वाद घोलने वाले नमक का दान भी इस दिन विशेष फल देता है।

यमराज और भगवान विष्णु की बरसेगी विशेष कृपा

वैशाख पूर्णिमा के दिन न केवल श्रीहरि विष्णु बल्कि मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का भी विधान है। इस दिन यमराज के निमित्त जल से भरा कलश, पकवान और मिठाइयों का दान करने से अकाल मृत्यु का दोष दूर होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। मान्यता है कि शक्कर और तिल का दान करने से अनजाने में हुए मानसिक या शारीरिक पापों का प्रायश्चित होता है और व्यक्ति का मन शांत व एकाग्र रहता है।

पूर्णिमा पर जरूर करें ये 3 काम

पवित्र स्नान: इस दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ होता है। यदि घर पर स्नान कर रहे हों, तो पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर वैशाख स्नान की पूर्णाहुति करें।

चंद्र पूजन: पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य देने से 'चंद्र दोष' से मुक्ति मिलती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

विष्णु आराधना: भगवान विष्णु को पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें। श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण इस दिन विशेष सुख-समृद्धि लेकर आता है।