अब खुद बदल सकेंगे Nintendo Switch 2 की बैटरी, यूरोपीय संघ के कड़े नियमों के आगे झुकी कंपनी
वीडियो गेम के दीवानों और पोर्टेबल कंसोल गेमर्स के लिए जापानी गेमिंग दिग्गज निंटेंडो (Nintendo) की तरफ से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर आ रही है। अपने शानदार डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस के लिए दुनिया भर में मशहूर 'निंटेंडो स्विच 2' (Nintendo Switch 2) के हार्डवेयर डिज़ाइन में आने वाले समय में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलने वाला है। यूरोपीय संघ (EU) के नए और कड़े नियमों का पालन करने के लिए निंटेंडो साल 2027 तक बाजार में अपने इस फ्लैगशिप कंसोल का एक ऐसा नया वेरिएंट पेश कर सकता है, जिसमें 'यूज़र-रिप्लेसेबल बैटरी' (User-Replaceable Battery) मिलेगी। इसका मतलब यह है कि गेमर्स को अपने इस महंगे गेमिंग डिवाइस की बैटरी खराब होने पर किसी सर्विस सेंटर या रिपेयरिंग शॉप के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि वे घर बैठे खुद ही इसकी बैटरी को आसानी से बदल सकेंगे।
क्या है यूरोपीय संघ का वह सख्त कानून, जिसने कंपनियों को मजबूर किया?
दरअसल, यह पूरा बदलाव किसी मजे या शौक के लिए नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसके पीछे यूरोपीय संघ का नया 'बैटरी विनियमन 2023/1542' (EU Battery Regulation) कानून है, जो 18 फरवरी 2027 से पूरी तरह लागू होने जा रहा है। इस पर्यावरण-अनुकूल कानून का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे (E-Waste) को कम करना और ऐसे गैजेट्स को बढ़ावा देना है जिन्हें रिपेयर करना बेहद आसान हो। इस कानून के अनुसार, यूरोप में बेचे जाने वाले सभी पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ऐसी बैटरी होनी अनिवार्य है, जिसे आम लोग बुनियादी और साधारण टूल्स की मदद से आसानी से निकाल और बदल सकें। साथ ही कंपनियों को डिवाइस के लाइफसाइकिल तक मार्केट में रिप्लेसमेंट बैटरी भी उपलब्ध करानी होगी। वर्तमान में उपलब्ध स्विच 2 में इन-बिल्ट (नॉन-रिमूवेबल) बैटरी आती है, जिसे बिना खास मशक्कत के बदला नहीं जा सकता, इसलिए कंपनी को अपने हार्डवेयर को पूरी तरह री-डिजाइन करना होगा।
निंटेंडो ने आधिकारिक वेबसाइट पर दी नए वेरिएंट की पुष्टि
इस बड़े तकनीकी बदलाव को लेकर बाजार में चल रही अटकलों के बीच खुद निंटेंडो की आधिकारिक वेबसाइट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि वे साल 2027 में अपने मुख्य कंसोल के अपडेटेड वर्जन को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। कंपनी के लीक हुए डेटा के मुताबिक, "BEE" मॉडल कोड वाले अपकमिंग डिवाइसेज पर एक विशेष "OSM" टैग दिया जाएगा। तकनीकी भाषा में इस टैग का सीधा मतलब यह है कि ये नए कंसोल यूरोपीय संघ के नए बैटरी मानकों पर शत-प्रतिशत खरे उतरते हैं। हालांकि निंटेंडो ने आधिकारिक तौर पर सीधे तौर पर 'स्विच 2' नाम का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन चूंकि यूरोपीय बाजार में इस समय यह उनका सबसे मुख्य और हॉट-सेलिंग कंसोल है, इसलिए यह साफ है कि यह बड़ा बदलाव इसी डिवाइस में लागू होगा।
गेमर्स को महंगे रिपेयरिंग बिल से मिलेगी मुक्ति, कंसोल की लाइफ होगी दोगुनी
इस नए अपडेट से गेमर्स को सीधे तौर पर कई बड़े फायदे होने वाले हैं। सालों तक लगातार भारी गेमिंग करने की वजह से जब कंसोल की बैटरी बैकअप कम देने लगती है या खराब हो जाती है, तो यूजर्स को भारी-भरकम रिपेयरिंग चार्ज देना पड़ता था। लेकिन अब यूजर-रिप्लेसेबल बैटरी आने से गेमर्स खुद नई बैटरी खरीदकर पुराने कंसोल को फिर से नया जैसा बना सकेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि निंटेंडो खुद अपनी आधिकारिक वेबसाइट और स्टोर्स के जरिए ओरिजिनल रिप्लेसमेंट बैटरियां बेचेगा, जिससे गेमर्स को बाजार में किसी लोकल या अनजान ब्रांड की नकली बैटरी ढूंढने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे कंसोल की लाइफ भी काफी बढ़ जाएगी।
गेमिंग कंसोल की दुनिया में नया मिसाल बनेगा धांसू Nintendo Switch 2
आपको बता दें कि निंटेंडो स्विच 2 को जून 2025 में वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया गया था, जिसकी यूरोपीय बाजारों में मौजूदा कीमत करीब 469.99 यूरो है। इस कंसोल के मुख्य स्पेसिफिकेशन्स पर नजर डालें तो इसमें 7.9 इंच की फुल एचडी एलसीडी टचस्क्रीन दी गई है, जो 120Hz तक की बेहतरीन रिफ्रेश रेट और HDR10 सपोर्ट के साथ आती है। इसमें स्मूथ गेमिंग के लिए एक कस्टम एनवीडिया (Nvidia) प्रोसेसर, 256GB की ऑनबोर्ड स्टोरेज और पावर बैकअप के लिए 5,220mAh की दमदार बैटरी दी गई है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2027 में जब यह नया नियम लागू होगा, तब 'स्विच 2' दुनिया का पहला ऐसा सबसे बड़ा और प्रीमियम हैंडहेल्ड कंसोल बन जाएगा जो इस ईयू कानून को पूरा करेगा। निंटेंडो का यह कदम पूरी दुनिया के अन्य गेमिंग और टेक ब्रांड्स के लिए भी एक नई मिसाल कायम कर सकता है।