अब कोई हिडन चार्ज नहीं RBI का बैंकों को सख्त आदेश, ऐप से हटेंगी भ्रामक ट्रिक्स
India News Live, Digital Desk :बैंकिंग ग्राहकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए (RBI) ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म से भ्रामक ‘डार्क पैटर्न’ और छिपे हुए शुल्क (Hidden Charges) से जुड़ी ट्रिक्स तुरंत हटाएं।
आरबीआई का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स के जरिए ग्राहकों से अनजाने में अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की शिकायतें बढ़ रही थीं।
क्या हैं ‘हिडन चार्ज’ और भ्रामक ट्रिक्स?
आरबीआई के अनुसार, कुछ बैंक और फिनटेक प्लेटफॉर्म ऐप डिजाइन में ऐसे विकल्प रखते हैं जिससे:
ग्राहक बिना पूरी जानकारी के पेड सर्विस चुन लेता है
सब्सक्रिप्शन ऑटो-रिन्यू हो जाता है
फीस या चार्ज छोटे अक्षरों में छिपा होता है
‘नो चार्ज’ का दावा कर बाद में शुल्क जोड़ा जाता है
इन्हें आम भाषा में ‘डार्क पैटर्न’ कहा जाता है ऐसी डिजाइन रणनीतियां जो यूजर को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।
RBI के सख्त निर्देश
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि:
सभी शुल्क स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से दिखाए जाएं
किसी भी सेवा के लिए ग्राहक की स्पष्ट सहमति ) जरूरी होगी
ऑटो-डिफॉल्ट या प्री-टिक बॉक्स जैसी ट्रिक्स हटाई जाएं
ग्राहकों को सेवा रद्द करने का आसान विकल्प दिया जाए
आरबीआई ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने पर नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
ग्राहकों को क्या फायदा?
इन निर्देशों के बाद:
बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी
अनजाने में लगने वाले चार्ज कम होंगे
डिजिटल फ्रॉड और भ्रम की स्थिति घटेगी
ग्राहक को बेहतर नियंत्रण और जानकारी मिलेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल वित्तीय सेवाओं में भरोसा मजबूत करेगा।
बैंकों को क्या करना होगा?
बैंकों को अपने मोबाइल ऐप, वेबसाइट और अन्य डिजिटल इंटरफेस की समीक्षा कर:
भ्रामक यूजर इंटरफेस हटाना होगा
फीस स्ट्रक्चर स्पष्ट करना होगा
ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र मजबूत करना होगा
संभावना है कि आरबीआई जल्द ही अनुपालन की समीक्षा भी करेगा।
निष्कर्ष
आरबीआई का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक किसी भी सेवा को पूरी जानकारी और स्पष्ट सहमति के साथ ही चुनें बिना किसी ‘हिडन चार्ज’ या भ्रामक डिजाइन के।