नो नेटवर्क, नो इंटरनेट! फोन में इंस्टॉल करें ये ऐप्स, बिना डेटा के भी होगी ताबड़तोड़ चैटिंग
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी अब सांस लेने जितनी जरूरी बन चुकी है, लेकिन कई बार सफर, प्राकृतिक आपदाओं, घने जंगलों, बेसमेंट या भारी भीड़भाड़ वाले आयोजनों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाता है। ऐसे हालात में जहां वॉट्सऐप या टेलीग्राम जैसे सामान्य ऐप्स काम करना बंद कर देते हैं, वहीं कुछ खास मैसेजिंग टूल्स बिना इंटरनेट और बिना सिम सिग्नल के भी सुचारू रूप से चलते हैं। ये ऐप्स मुख्य रूप से पीयर-टू-पीयर (P2P) ब्लूटूथ और वाई-फाई डायरेक्ट (Wi-Fi Direct) मेश नेटवर्क तकनीक पर काम करते हैं। इसका मतलब यह है कि आपका फोन किसी दूर के मोबाइल टावर या सर्वर से जुड़ने के बजाय सीधे आस-पास मौजूद दूसरे स्मार्टफोन से जुड़कर एक स्थानीय नेटवर्क तैयार कर लेता है।
ब्रिजफाई (Bridgefy): भीड़भाड़ और आपात स्थिति में सबसे भरोसेमंद साथी
बिना इंटरनेट चैटिंग के मामले में ब्रिजफाई सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स में से एक है। यह ऐप ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) तकनीक पर आधारित है। जब आप इस ऐप को ऑन करते हैं, तो यह लगभग 100 मीटर (330 फीट) के दायरे में मौजूद अन्य ब्रिजफाई यूजर्स को सीधे संदेश भेजने की सुविधा देता है। इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका मेश मोड है। यदि आपका दोस्त 100 मीटर से ज्यादा दूरी पर है, तो आपका मैसेज बीच में मौजूद अन्य यूजर्स के फोन के जरिए रिले होकर (हॉप करते हुए) आपके दोस्त तक पहुंच जाता है। खास बात यह है कि बीच के किसी भी व्यक्ति को आपके मैसेज का कंटेंट नहीं दिखाई देता क्योंकि यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होता है। संगीत समारोहों, खेल स्टेडियमों या फ्लाइट में यह ऐप बेहद उपयोगी सिद्ध होता है।
ब्रायर (Briar): प्राइवेसी और सुरक्षा चाहने वालों के लिए सशक्त विकल्प
यदि आपकी प्राथमिकता गोपनीयता और सुरक्षा है, तो ब्रायर एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। यह ऐप पूरी तरह से विकेंद्रीकृत (Decentralized) नेटवर्क पर काम करता है, जिसका कोई केंद्रीय सर्वर नहीं होता। जब इंटरनेट उपलब्ध नहीं होता, तो ब्रायर ब्लूटूथ और लोकल वाई-फाई नेटवर्क के जरिए आस-पास के संपर्कों से सिंक हो जाता है। पत्रकारों, एक्टिविस्टों और आपातकालीन राहत कर्मियों के बीच यह ऐप काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा जब इंटरनेट वापस आता है, तो यह टोर (Tor) नेटवर्क के जरिए एन्क्रिप्टेड संदेश भेजता है। इसमें वन-ऑन-वन चैटिंग के साथ-साथ ऑफलाइन फोरम और ब्लॉग शेयरिंग जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
बिटचैट और सिग्नल ऑफलाइन: बिना नंबर और बिना खाते के सीधी कनेक्टिविटी
हाल के वर्षों में बिटचैट (BitChat) और सिग्नल तकनीक पर आधारित ऑफलाइन मैसेंजर्स ने भी तकनीक प्रेमियों का ध्यान खींचा है। बिटचैट एक सर्वरलेस और अकाउंट-फ्री आर्किटेक्चर पर काम करता है। इसमें यूजर्स को किसी फोन नंबर या ईमेल से साइन-अप करने की आवश्यकता नहीं होती। ब्लूटूथ लो एनर्जी के जरिए यह ऐप मल्टीपल हॉप्स तक मैसेज फॉरवर्ड कर सकता है। इसी तरह वाई-फाई डायरेक्ट का उपयोग करने वाले लोकल मैसेंजर्स भी बिना किसी राउटर या डेटा कनेक्शन के दो फोन के बीच सीधे हाई-स्पीड डेटा और टेक्स्ट ट्रांसफर की सुविधा देते हैं।
ऑफलाइन ऐप्स इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
इन ऐप्स का इस्तेमाल करने से पहले कुछ बुनियादी बातों को समझना जरूरी है। पहली बात यह कि इन ऐप्स को अपने फोन में पहले से डाउनलोड और एक्टिवेट करके रखना पड़ता है, क्योंकि जब नेटवर्क चला जाएगा तब आप इन्हें ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। दूसरी बात यह कि दोनों ही उपभोक्ताओं के फोन में वही ऐप इंस्टॉल होना चाहिए और फोन का ब्लूटूथ तथा लोकेशन परमिशन ऑन रहना जरूरी है। हालांकि इनकी रेंज पारंपरिक इंटरनेट जितनी असीमित नहीं होती, लेकिन ट्रैकिंग, कैंपिंग, फ्लाइट्स या आपदा जैसी आपातकालीन स्थितियों में यह तकनीक किसी जीवनरक्षक संचार माध्यम से कम साबित नहीं होती।