Munambam dispute : केरल हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, वक्फ संपत्ति के झूठे दावे को ठुकराया
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-12 01:31:00
India News Live,Digital Desk : केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुनंबम को वक्फ संपत्ति के रूप में अधिसूचित करना केरल वक्फ बोर्ड का जमीन हड़पने का तरीका था। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि विवादित भूमि के असली स्वामित्व का पता लगाने के लिए पहले से नियुक्त जांच आयोग को बरकरार रखा जाए।
जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और श्याम कुमार वीएम की पीठ ने कहा कि वक्फ अधिनियम 1954 और 1995 के नियमों का पालन किए बिना किसी संपत्ति को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने साफ कहा कि अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया के बिना वक्फ संपत्ति की घोषणा करना गलत है।
इस फैसले का असर सैकड़ों परिवारों पर पड़ा है, जिन्होंने दशकों पहले अपनी जमीन खरीदी थी और वक्फ की झूठी घोषणा से उनकी रोज़ी-रोटी पर खतरा मंडराने लगा था। न्यायालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर वक्फ बोर्ड की मनमानी घोषणाओं को मान्यता मिलती, तो कल ताजमहल, लाल किला और यहां तक कि अदालत की इमारत तक वक्फ घोषित की जा सकती थी।
जांच आयोग की नियुक्ति को बनाए रखते हुए पीठ ने कहा कि राज्य सरकार कानून के मुताबिक आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए स्वतंत्र है। अदालत ने यह भी कहा कि केरल वक्फ बोर्ड द्वारा 70 साल तक चुप रहने के बाद अचानक संपत्ति को वक्फ घोषित करना सही नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत वह पंथनिरपेक्ष भारत में किसी भी शक्ति के गलत और देरी से प्रयोग की अनुमति नहीं दे सकता।
मामला क्या है
एर्नाकुलम जिले के चेराई और मुनंबम गांव के लोग आरोप लगा रहे हैं कि वक्फ बोर्ड उनके जमीन और संपत्तियों पर अवैध दावा कर रहा है। उनके पास पंजीकृत दस्तावेज और भूमि कर की रसीदें भी हैं। इस विवाद के बाद केरल सरकार ने पिछले साल नवंबर में हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सीएन रामचंद्रन नायर की अध्यक्षता में एक आयोग नियुक्त किया, जो विवादित भूमि के असली मालिकों का पता लगाएगा।