Monsoon session's hustle and bustle विपक्ष ने PM मोदी को घेरा, विदेश यात्रा पर भी तंज

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India News Live,Digital Desk : आज से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया है, और इसके साथ ही विपक्षी खेमे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि वह संसद में उन अहम मुद्दों पर चर्चा के दौरान मौजूद रहें, जिन पर देश की निगाहें टिकी हैं। इनमें पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़े विषय शामिल हैं।

रमेश ने पीएम मोदी की आगामी विदेश यात्रा पर तंज कसते हुए उन्हें 'सुपर प्रीमियम फ्रीक्वेंट फ्लायर' बताया। उन्होंने कहा कि 48 घंटे बाद पीएम एक और विदेश यात्रा पर निकल जाएंगे, जिससे मणिपुर के लोगों को एक और निराशा हाथ लगेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार से यूनाइटेड किंगडम और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं, जिसका मकसद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना बताया जा रहा है।

सत्र शुरू होने से ठीक पहले जयराम रमेश ने एक एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि जल्द ही "सजे-धजे प्रधानमंत्री" संसद भवन के बाहर मीडिया के सामने आकर अपना "हमेशा वाला 'देश के नाम संदेश'" देंगे, जो उनके सामान्य "बड़े-बड़े दावों और पाखंड से भरा" होगा। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री संसद में बहुत कम दिखाई देते हैं। वे साल में सिर्फ एक बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हैं। लेकिन, इस बार कांग्रेस का कहना है कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इन गंभीर मुद्दों पर बहस के दौरान सदन में उपस्थित रहना चाहिए।

गरमाया पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने तो लोकसभा में पहलगाम हमले में हुई गंभीर सुरक्षा चूक और ऑपरेशन सिंदूर के बाद की विदेश नीति पर चर्चा के लिए बाकायदा स्थगन प्रस्ताव ही पेश कर दिया है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री विदेश जा रहे हैं, हम चाहते हैं कि आज ही वे सदन में आकर पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और युद्धविराम जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करें।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी पहलगाम मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 26 लोगों की जान जाने और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन पर असर डालने वाले पहलगाम हमले में खुफिया विफलता क्यों हुई और अभी तक आतंकवादी क्यों नहीं पकड़े गए, ये बेहद गंभीर सवाल हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी इन मुद्दों को मॉनसून सत्र में जोर-शोर से उठाएगी।