"प्रवासियों की घुसपैठ और आत्म-घृणा ने ली हेनरी की जान"— अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का ब्रिटेन पर बड़ा हमला

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ब्रिटेन में एक श्वेत छात्र की हत्या और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने इस संवेदनशील मामले को लेकर ब्रिटिश सरकार और वहां की व्यवस्था पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। जेडी वेंस ने 18 वर्षीय ब्रिटिश छात्र हेनरी नोवाक (Henry Novak) की दुखद मौत को महज एक सामान्य अपराध मानने से साफ इनकार करते हुए इसे 'प्रवासियों की अनियंत्रित घुसपैठ' और 'यूरोपीय अभिजात वर्ग की आत्म-घृणा की राजनीति' का सीधा परिणाम बताया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस बेहद आक्रामक बयान के बाद लंदन से लेकर वाशिंगटन तक हड़कंप मच गया है, और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय ने अमेरिकी हस्तक्षेप की कड़े शब्दों में निंदा की है।

"जैसे किसी सभ्यता की मौत होती है..."— सोशल मीडिया पर फूटा जेडी वेंस का गुस्सा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक बेहद तल्ख और लंबा पोस्ट साझा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। वेंस ने लिखा, "हेनरी नोवाक की मौत बिल्कुल वैसे ही हुई है, जैसे किसी पूरी सभ्यता का धीरे-धीरे पतन और मौत होती है। ब्रिटिश अधिकारियों और वहां के सिस्टम द्वारा उसे उस वक्त बिल्कुल अकेला छोड़ दिया गया, यहाँ तक कि गंभीर हालत में भी उसे हथकड़ी पहना दी गई। वहां के सिस्टम ने न तो उस मासूम पर कभी भरोसा किया और न ही उसकी सुरक्षा की परवाह की। उल्टा उस पर ऐसे नफरत भरे झूठे अपराधों (Hate Crimes) का आरोप मढ़ दिया गया जो उसने कभी किए ही नहीं थे। उसकी हत्या जितनी ज्यादा दुखद है, उतनी ही हर संवेदनशील इंसान को गुस्सा दिलाने वाली भी है।"

जानिए क्या है वह 'हेनरी नोवाक मामला', जिसने पूरे ब्रिटेन को दंगों की आग में झोंका

इस अंतरराष्ट्रीय विवाद की जड़ें पिछले साल दिसंबर महीने से जुड़ी हैं, जब ब्रिटेन के साउथैम्पटन (Southampton) शहर में 18 साल के कॉलेज छात्र हेनरी नोवाक पर विक्रम डिगवा नाम के एक सिख युवक ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस जानलेवा हमले के बाद जब हेनरी खून से लथपथ होकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था, तब मौके पर पहुंची ब्रिटिश पुलिस ने घायल पीड़ित हेनरी को ही संदिग्ध मानते हुए उसके हाथों में हथकड़ी पहना दी थी। 23 वर्षीय हमलावर विक्रम डिगवा ने पुलिस के सामने सफेद झूठ बोलते हुए खुद को पीड़ित बताया था और दावा किया था कि हेनरी ने उस पर नस्लीय टिप्पणी और अपमान किया था। पुलिस की इस एकतरफा और विवादास्पद कार्रवाई का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, यह पूरी दुनिया में दक्षिणपंथी गुस्से का सबसे बड़ा केंद्र बन गया और इसके विरोध में पूरे ब्रिटेन में कई दिनों तक हिंसक दंगे भड़क उठे थे।

एलन मस्क और अमेरिकी विदेश विभाग ने भी उठाई आवाज, यूरोपीय नीतियों को घेरा

इस पूरे मामले पर जेडी वेंस के बेहद करीबी मित्र और दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) ने भी 'एक्स' पर ब्रिटिश पुलिस की दोहरी कार्यप्रणाली (Two-Tier Policing) के खिलाफ कई बार खुलकर पोस्ट लिखे हैं। इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने भी आधिकारिक तौर पर इस मामले में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए वैचारिक पूर्वाग्रह और पक्षपातपूर्ण पुलिसिंग की कड़े शब्दों में आलोचना की थी। जेडी वेंस ने यूरोपीय नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "हेनरी नोवाक को आज हमारे बीच जीवित होना चाहिए था, और वह निश्चित रूप से जिंदा होता अगर पिछली कुछ पीढ़ियों के यूरोपीय अभिजात वर्ग ने पश्चिमी सभ्यता के प्रति अपनी आत्म-घृणा की घटिया राजनीति को छोड़कर प्रवासियों की इस भारी घुसपैठ का मजबूती से विरोध किया होता। इन प्रवासियों में से कई लोग पश्चिमी मूल्यों और हमसे नफरत करते हैं। हेनरी अपनी जान गंवाने वाले पहले व्यक्ति नहीं हैं, और मुझे डर है कि अगर नीतियां नहीं बदलीं तो वह आखिरी भी नहीं होंगे।"

"हमारे लोकतंत्र में दखल देना बंद करें"— ब्रिटिश सरकार का अमेरिका को दो टूक जवाब

अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस बेहद कड़े और सीधे हमले पर ब्रिटिश सरकार ने भी तुरंत पलटवार किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के आधिकारिक प्रवक्ता ने अमेरिकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ब्रिटेन के आंतरिक मामलों में अनुचित दखल करार दिया है। प्रवक्ता ने कहा, "हम देख रहे हैं कि कुछ बाहरी लोग जानबूझकर हमारे लोकतंत्र में दखल देने और ब्रिटिश समाज में फूट डालने की नाकाम कोशिशें कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" ब्रिटिश सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि मृत छात्र हेनरी नोवाक के दुखी परिवार ने खुद यह अपील की है कि वे नहीं चाहते कि उनके बेटे की दुखद हत्या का इस्तेमाल समाज में और ज्यादा नफरत, तनाव या राजनीतिक विभाजन पैदा करने के लिए किया जाए।