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September 30 2026 03:10 am

गोरखपुर में तारपीन तेल गोदाम में लगी भीषण आग: आसमान में छाया काला धुआं, 20 से अधिक मकान खाली

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से आगजनी की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के घनी आबादी वाले तिवारीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनलालपुर इलाके में स्थित तारपीन के तेल के एक गोदाम में सोमवार शाम अचानक विकराल आग भड़क उठी। तारपीन का तेल अत्यधिक ज्वलनशील रासायनिक तरल होने के कारण आग ने चंद सेकंडों में पूरे परिसर को अपनी आगोश में ले लिया। लपटें इतनी तेज और ऊंची थीं कि वे कई मंजिला इमारतों से ऊपर उठती दिखाई देने लगीं, वहीं आग से निकलने वाले घने काले और जहरीले धुएं का गुबार किलोमीटर दूर से साफ देखा जाने लगा। अचानक हुए इस भीषण अग्निकांड के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार, भगदड़ और भारी दहशत का माहौल बन गया।

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोदाम के आसपास बने रिहायशी मकानों में रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर सड़क की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस, दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर रवाना हो गए। आग तेजी से पड़ोसी इमारतों की तरफ बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए राहत एवं बचाव दलों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला और इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। फायर ब्रिगेड के जवान फोम और पानी के तेज प्रेशर की मदद से आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं।

20 से अधिक मकान कराए गए खाली: अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू तेज

तिवारीपुर के जिस इलाके में यह हादसा हुआ, वह एक संकरी गलियों वाला सघन रिहायशी क्षेत्र है। बताया जा रहा है कि एक मकान के भूतल पर अवैध अथवा बिना सुरक्षा मानकों के यह बड़ा तारपीन तेल का गोदाम संचालित किया जा रहा था। जैसे ही गोदाम में आग भड़की, लपटों की तपिश इतनी प्रचंड हो गई कि आसपास के मकानों की दीवारें और खिड़कियां तपने लगीं। आग को अन्य रिहायशी भवनों में फैलने से रोकने और किसी भी अप्रिय जनहानि से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए गोदाम के आसपास स्थित 20 से अधिक मकानों को आनन-फानन में खाली करा लिया।

एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय युवाओं की मदद से घरों में मौजूद महिलाओं, नवजात बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित दूरी पर ले जाया गया। लोग बदहवास हालत में अपने घरों से जरूरी सामान निकाले बिना ही सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे। इसी बीच, आग की भीषणता के बीच गोदाम परिसर के भीतर कुछ कर्मचारियों या स्थानीय लोगों के फंसे होने की आशंका भी जताई जा रही है। राहत दल आग की मुख्य लपटों को ठंडा कर अंदर प्रवेश करने का रास्ता बनाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं ताकि किसी के अंदर मौजूद होने की स्थिति में उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।

केमिकल की लपटों ने बढ़ाई चुनौती: अलग-अलग दिशाओं से फोम टेंडर्स की बौछार

तारपीन तेल केमिकल श्रेणी का अत्यंत दहनशील पदार्थ है, जिसमें पानी डालने पर आग बुझने के बजाय कई बार छिटककर और तेजी से भड़कती है। इसी तकनीकी चुनौती को देखते हुए अग्निशमन अधिकारियों ने विशेष केमिकल फोम टेंडर्स और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। दमकल कर्मियों ने गोदाम को चारों दिशाओं से घेरकर पानी और फोम की सघन बौछार शुरू की ताकि आग की दीवारों को ठंडा किया जा सके और लपटों को बाहर निकलने से रोका जा सके।

आसपास के इलाकों में बिजली की हाईटेंशन लाइनों और ट्रांसफार्मरों में ब्लास्ट के खतरे को देखते हुए पूरे मोहनलालपुर और तिवारीपुर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद करवा दी गई। भारी धुएं के कारण दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ और आंखों में तेज जलन का सामना करना पड़ रहा था। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड के जांबाज जवान ऑक्सीजन मास्क और सुरक्षा किट पहनकर आग के केंद्र तक पहुंचने का प्रयास करते रहे।

रिहायशी इलाके में तेल गोदाम पर उठे सवाल: जांच और नुकसान का आकलन शुरू

इस भीषण अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतने घने रिहायशी इलाके के भीतर केमिकल और तारपीन के तेल का इतना बड़ा गोदाम कैसे संचालित हो रहा था? क्या इस गोदाम के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और वैध औद्योगिक लाइसेंस मौजूद था? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय रहते हवा का रुख नहीं बदलता या मकान खाली नहीं कराए जाते, तो यह हादसा शहर की अब तक की सबसे बड़ी रिहायशी त्रासदियों में बदल सकता था।

घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि पहली प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है; प्रारंभिक रूप से शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी से आग भड़कने का अंदेशा जताया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग पूरी तरह शांत होने के बाद फॉरेंसिक और फायर सेफ्टी टीम द्वारा घटना की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी। यदि गोदाम अवैध रूप से या बिना मानकों के संचालित पाया गया, तो इसके मालिक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।