बेंगलुरु एयरपोर्ट पर टला बड़ा विमान हादसा, मुंबई जा रही IndiGo फ्लाइट से टकराया पक्षी

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। बेंगलुरु से मुंबई के लिए उड़ान भरने को पूरी तरह तैयार इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) के एक खचाखच भरे विमान से अचानक रनवे पर एक पक्षी टकरा गया (Bird Strike)। पक्षी के टकराते ही विमान के भीतर और एप्रन एरिया में हड़कंप मच गया। हालांकि, इस आपातकालीन स्थिति में विमान के पायलट ने गजब की सूझबूझ और तत्परता दिखाई, जिसके चलते एक बहुत बड़ा विमान हादसा टल गया और फ्लाइट में सवार सभी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

टेक-ऑफ से ठीक पहले हुआ बर्ड स्ट्राइक, पायलट ने तुरंत लिया यू-टर्न

यह हैरान कर देने वाली घटना शुक्रवार को इंडिगो की नियमित फ्लाइट संख्या 6E 6283 के साथ घटी। विमान अपने तय समय पर मुंबई के लिए उड़ान भरने ही वाला था और रनवे पर दौड़ने की तैयारी में था, तभी अचानक एक पक्षी इसके इंजन या विंग्स के पास आकर टकरा गया। बर्ड स्ट्राइक का आभास होते ही पायलट ने बिना एक सेकंड गंवाए एहतियाती तौर पर टेक-ऑफ को तुरंत रोक दिया। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित करते हुए यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को सर्वोपरि माना और विमान को तुरंत वापस पार्किंग बे (Bay) में ले जाने का फैसला किया।

रनवे पर मची अफरा-तफरी, इंजीनियरों की गहन जांच के बाद मिली हरी झंडी

विमान के अचानक यू-टर्न लेने और आपातकालीन स्थिति के कारण कुछ समय के लिए बेंगलुरु एयरपोर्ट पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और असमंजस की स्थिति बन गई थी। विमान के पार्किंग बे में पहुंचते ही इंडिगो के सीनियर ग्राउंड इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने मोर्चा संभाल लिया। टीम ने बर्ड स्ट्राइक से विमान को हुए किसी भी संभावित नुकसान का पता लगाने के लिए इसके इंजन, पंखों और बॉडी की बेहद बारीकी से और गहन तकनीकी जांच की। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली इस कड़े सुरक्षा ऑडिट और पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही इंजीनियरों ने विमान को दोबारा उड़ान भरने की अंतिम मंजूरी (Clearance) दी।

एक घंटे की देरी से मुंबई के लिए रवाना हुए यात्री, इंडिगो ने राहत की सांस ली

तकनीकी जांच पूरी होने और क्लीयरेंस मिलने के बाद फ्लाइट संख्या 6E 6283 ने करीब एक घंटे से ज्यादा की देरी से मुंबई के लिए अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू की। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री, पायलट या केबिन क्रू मेंबर को खरोंच तक नहीं आई और सभी सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचे। विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक, टेक-ऑफ या लैंडिंग के समय बर्ड स्ट्राइक होना बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि ऐसे समय में पक्षी के इंजन में फंसने से विमान क्रैश होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। पायलट के इस त्वरित और सही फैसले की वजह से एयरलाइंस और यात्रियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।