वित्त मंत्रालय का बड़ा फैसला – सरकारी विभागों में अब नहीं मिलेंगे त्योहारों पर तोहफ़े
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-23 01:01:00
India News Live,Digital Desk : दिवाली जैसे त्योहारों पर उपहार देने की परंपरा को अब सरकार ने रोकने का फ़ैसला लिया है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी मंत्रालयों और विभागों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि दिवाली और अन्य त्योहारों पर उपहार देना "अनावश्यक खर्च" है और इसे हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
यह कदम वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव की सहमति से उठाया गया। दरअसल, इससे पहले 17 सितंबर को भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार डॉ. सुमंत्र पाल ने भी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) में दिवाली और अन्य त्योहारों पर उपहार देने की प्रथा को बंद करने का निर्देश दिया था। उनका मानना है कि सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग सभी के लिए समान होना चाहिए और उपहारों पर होने वाला खर्च सरकारी ख़र्च को अनावश्यक रूप से बढ़ाता है।
हालाँकि, इस आदेश को लेकर विरोध भी सामने आ रहा है। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम इंडिया के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि सरकार का यह फ़ैसला सही नहीं है। उनके मुताबिक, त्योहारों पर दिया गया छोटा-सा गिफ्ट कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाता है और उन्हें महसूस कराता है कि उनकी मेहनत की कद्र की जा रही है। उनका कहना है कि यह उपहार भले ही छोटा हो, लेकिन इससे कर्मचारियों को काम करने की नई ऊर्जा मिलती है।
सरकार का तर्क है कि उपहार देने की परंपरा से सरकारी ख़र्च बढ़ता है, जबकि आलोचकों का कहना है कि ऐसे आदेश कर्मचारियों की भावनाओं और मनोबल को ठेस पहुँचाते हैं। अब सवाल यह है कि क्या त्योहारों की खुशी बाँटने की इस परंपरा को ख़त्म कर देना सही है या फिर इसे किसी संतुलित तरीके से जारी रखना चाहिए?