BREAKING:
July 25 2026 07:27 am

पश्चिमी यूपी की सियासत में 'महापंचायत' का दांव! इक्रा हसन विवाद से गरमाया माहौल

Post

India News Live,Digital Desk : पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। कैराना सीट से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी इक्रा हसन को लेकर छिड़े विवाद ने माहौल को और गर्मा दिया है। अब समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सियासी रणनीति बनाने के लिए 2 जून को कांधला में एक बड़ी 'महापंचायत' आयोजित करने जा रही है।

दरअसल, इक्रा हसन पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने का आरोप लगा था। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'झूठा प्रचार' बताया है। इस विवाद के बाद, सपा ने फैसला किया है कि वह भाजपा द्वारा 'गुमराह करने वाले दुष्प्रचार' का मुंहतोड़ जवाब देगी।

सपा की यह महापंचायत सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को नया मोड़ देने की कोशिश है। पार्टी इस आयोजन के ज़रिए न केवल अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह भरेगी, बल्कि जातीय समीकरणों को साधते हुए सद्भाव और भाईचारे का भी संदेश देना चाहती है।

कैराना सीट का अपना एक अलग इतिहास रहा है, जहां 'पलायन' का मुद्दा भाजपा के लिए एक बड़ा चुनावी हथियार रहा है। 2017 में इसी मुद्दे को भुनाकर भाजपा की मृगांका सिंह ने यहां से जीत हासिल की थी। सपा का आरोप है कि भाजपा अब फिर से इसी तरह के 'सांप्रदायिक ध्रुवीकरण' की राजनीति कर रही है।

इक्रा हसन पूर्व सांसद मुनव्वर हसन और तबस्सुम हसन की बेटी हैं, जो इस क्षेत्र की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम है। सपा को उम्मीद है कि इक्रा हसन की जीत से पश्चिमी यूपी में दशकों से चली आ रही जाट-मुस्लिम एकता और मजबूत होगी, खासकर तब जब भाजपा लगातार 'हिंदू-मुस्लिम' की राजनीति करती रही है।

इस महापंचायत में समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। देखना होगा कि यह 'महापंचायत' पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासी हवा को कितना बदल पाती है और क्या यह लोकसभा चुनाव के बाद की राजनीति में नए समीकरण गढ़ पाएगी।