लखनऊ की चिकन इंडस्ट्री को MSME ग्रोथ फंड से नई उड़ान
- by Priyanka Tiwari
- 2026-02-02 16:24:00
India News Live,Digital Desk : केंद्रीय बजट 2026-27 में MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड घोषित किया गया है। इस घोषणा से लखनऊ के छोटे और मध्यम उद्योगों, खासकर चिकन इंडस्ट्री को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ में MSME की स्थिति
राजधानी में लगभग 2.1 लाख एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं। चिकन इंडस्ट्री में करीब 5 लाख लोग काम कर रहे हैं और इसका कारोबार एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। हालांकि, छोटे कारोबारी तकनीक और पूंजी की कमी के कारण कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
छोटे उद्यमी, करपोरेट और बड़ी कंपनियों के आने से अपनी जमीन खो रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह विशेष पैकेज सही लोगों तक पहुंचे, तो लखनऊ की चिकन इंडस्ट्री और अन्य MSME सेक्टरों में नई गति आएगी।
बजट से रोजगार और निवेश को बढ़ावा
दो साल पहले हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लखनऊ में दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए थे। इसमें एमएसएमई सेक्टर में लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल थे, जो अब तीन गुना बढ़ चुके हैं।
उद्योग विशेषज्ञों की राय:
उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया: "MSME सेक्टर को अब विशेष पैकेज से फायदा मिलेगा।"
इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के विकास खन्ना: "इस घोषणा से भविष्य में रोजगार और आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं मजबूत होंगी।"
MSME सेक्टर की प्रमुख चुनौतियां
पूंजी की कमी: उद्यम स्थापित या विस्तारित करने के लिए पर्याप्त निवेश नहीं।
ऋण में समस्या: बैंकों से आसान ऋण नहीं मिलता।
कच्चे माल की कमी: कीमतों में उतार-चढ़ाव से लागत बढ़ती है।
महंगी मशीनरी: नई तकनीक और उपकरण महंगे हैं।
भुगतान में देरी: व्यापार पर वित्तीय दबाव बढ़ता है।
कुशल श्रमिक: प्रशिक्षित और अनुभवी श्रमिकों की कमी।
वैश्विक बाजार चुनौतियां: टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच ब्रांडिंग जरूरी।
सिंगल विंडो इफेक्टिव नहीं: उद्यमियों को सरकारी प्रक्रियाओं में कठिनाई।
उम्मीदें और संभावना
विशेष पैकेज से न केवल चिकन इंडस्ट्री, बल्कि पारंपरिक खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और खादी ग्रामोद्योग भी लाभान्वित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सही निवेश और नीति सुधार के साथ एमएसएमई सेक्टर यूपी को आर्थिक ताकत में नंबर वन बना सकता है।