कराची नहीं, बैंकॉक में बसाया गया ‘धुरंधर’ का लियारी, 6 एकड़ में खड़ा हुआ पूरा इलाका

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India News Live,Digital Desk : 5 दिसंबर को रिलीज़ हुई रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इसकी कहानी साल 1999 से 2009 के दौर की है और पाकिस्तान के कराची शहर के कुख्यात इलाके लियारी की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

फिल्म लियारी को आतंकवाद, गैंगवार, ड्रग्स नेटवर्क, अवैध हथियारों और पुलिस एक्शन से घिरे एक संवेदनशील इलाके के तौर पर दिखाती है। दमदार कहानी के साथ-साथ फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसका भव्य और रियलिस्टिक सेट है।

कराची से 6000 किलोमीटर दूर दोबारा रचा गया लियारी

दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में दिखाया गया लियारी पाकिस्तान में नहीं, बल्कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बनाया गया था। कराची से लगभग 6000 किलोमीटर दूर बैंकॉक में 6 एकड़ में फैले विशाल सेट पर पूरे लियारी इलाके को दोबारा खड़ा किया गया।

तंग गलियां, पुराने मकान, छतों का पैटर्न, दुकानों का लेआउट और माहौल—हर चीज़ को इतनी बारीकी से डिजाइन किया गया कि स्क्रीन पर सब कुछ असली लगे।

तीन महीने की प्लानिंग, 12-12 घंटे की मेहनत

फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस जोहरे ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस सेट को तैयार करने में जबरदस्त प्लानिंग लगी। उन्होंने कहा कि मार्च से मई तक सिर्फ डिजाइनिंग पर काम किया गया, जून में रेकी हुई और जुलाई से शूटिंग शुरू हुई।

शुरुआत में 15 डिजाइनर्स की टीम बनाई गई थी, जो रोज़ाना करीब 12 घंटे काम करती थी। सैनी के मुताबिक, यह उनके करियर की सबसे ज्यादा मेहनत मांगने वाली फिल्मों में से एक थी।

हर दिन चार लोकेशन, जबरदस्त चैलेंज

सैनी ने बताया कि आमतौर पर एक फिल्म में हर दिन एक या दो लोकेशन पर शूट होता है, लेकिन ‘धुरंधर’ में रोज़ाना चार लोकेशन थीं। डायरेक्टर आदित्य बहुत क्लियर थे कि स्क्रीन पर कुछ भी बनावटी नहीं दिखना चाहिए। इसी वजह से हर सीन में डिटेलिंग पर खास ध्यान दिया गया।

सेट के लिए हुई गहरी रिसर्च

लियारी के सेट को तैयार करने से पहले टीम ने गहरी रिसर्च की। वहां के लोगों का रहन-सहन, घरों की बनावट, इलाके का इतिहास, गैंग कल्चर और यहां तक कि उस दौर में इस्तेमाल होने वाले हथियारों तक का अध्ययन किया गया।

चूंकि विजुअल रेफरेंस सीमित थे, इसलिए टीम ने पुराने न्यूज क्लिप्स, अखबारों की कटिंग और डॉक्यूमेंट्री फुटेज का सहारा लिया। इसके अलावा मुंबई के माध आइलैंड में भी कुछ बड़े सेट तैयार किए गए।

मुंबई नहीं, थाईलैंड क्यों बना शूटिंग लोकेशन?

जब मुंबई में सेट न लगाने का कारण पूछा गया, तो सैनी ने बताया कि लॉजिस्टिक्स और मौसम सबसे बड़ी वजह थे। जुलाई का महीना होने के कारण मुंबई में मॉनसून चल रहा था, जिससे खुले में इतना बड़ा सेट बनाना मुश्किल था।

इसके अलावा, फिल्म के बड़े स्टार कास्ट के साथ पब्लिक लोकेशन पर शूटिंग करना भी संभव नहीं था। कई देशों में रेकी करने के बाद थाईलैंड को सबसे बेहतर विकल्प चुना गया, जहां इतनी बड़ी जमीन और कंट्रोल्ड माहौल मिल सका।

बॉक्स ऑफिस पर भी धुरंधर

फिल्म ने रिलीज़ के 11 दिनों में भारत में करीब 380 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है, जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। शानदार कहानी, दमदार एक्टिंग और भव्य सेट ने ‘धुरंधर’ को साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल कर दिया है।