रेलवे की बड़ी राहत अब टीटीई से ही मिलेगा जनरल टिकट, जान लें ये जरूरी शर्त
India News Live,Digital Desk : ट्रेन में सफ़र करने वालों के लिए रेलवे ने एक बहुत अच्छी और ज़रूरी सुविधा शुरू की है! अगर आप किसी ऐसे छोटे स्टेशन से ट्रेन पकड़ रहे हैं, जहाँ टिकट काउंटर नहीं है या किसी वजह से बंद है, तो अब आपको घबराने की ज़रूरत नहीं। आप सीधे ट्रेन में बैठे-बैठे भी अपना जनरल या अनारक्षित टिकट ख़रीद सकेंगे।
ये टिकट आपको ट्रेन के टीटीई (ट्रेवलिंग टिकट एग्ज़ामिनर) से मिलेंगे, वो भी बिना किसी पेनाल्टी के! रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि टीटीई अब 'हैंड-हेल्ड टर्मिनल' (HHT) नाम की एक ख़ास मशीन का इस्तेमाल करेंगे, जिसके ज़रिए वो यात्रियों को मौक़े पर ही टिकट जारी कर सकते हैं।
यह कैसे काम करेगा और क्या है शर्त?
आपको बस इतना करना होगा कि ट्रेन में चढ़ते ही तुरंत टीटीई को ख़ुद ये बताना होगा कि आपने कहाँ से ट्रेन पकड़ी है और आपके पास टिकट क्यों नहीं है (यानी टिकट काउंटर क्यों नहीं था या बंद था)। टीटीई आपकी जानकारी मशीन में डालेंगे और आपको वैध टिकट दे देंगे।
लेकिन, एक बात का ध्यान ज़रूर रखें: यह सुविधा केवल उन्हीं स्टेशनों के लिए है जहाँ टिकट काउंटर उपलब्ध नहीं है या जो बंद पाया गया। अगर आप किसी ऐसे स्टेशन से ट्रेन में चढ़ते हैं जहाँ टिकट काउंटर है, लेकिन आपने किसी आलस या लापरवाही में टिकट नहीं ख़रीदा, तो फिर आपको जुर्माना (जुर्मान सहित किराए) के साथ किराए का पैसा, दोनों देना पड़ेगा। यानी, आपकी यह ज़िम्मेदारी है कि अगर स्टेशन पर काउंटर खुला है तो टिकट वहीं से खरीदें।
रेलवे का यह क़दम छोटे और दूर-दराज के स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बहुत मददगार साबित होगा। अक्सर होता यह है कि छोटे हॉल्ट पर टिकट घर नहीं होता, या सुबह-शाम के वक़्त बंद मिलता है, और ऐसे में यात्री बिना टिकट सफ़र करने को मजबूर होते हैं और फिर पकड़े जाने पर उन्हें जुर्माना देना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा और न ही उन्हें परेशान होना पड़ेगा।
रेलवे लगातार 'डिजिटल इंडिया' को बढ़ावा दे रहा है और चाहता है कि ज़्यादातर लेन-देन कैशलेस हों। इसलिए, HHT मशीनों के ज़रिए टिकट देने से यह प्रक्रिया भी ज़्यादा पारदर्शी होगी। रेलवे यह भी प्रोत्साहित करता है कि जहाँ सुविधा उपलब्ध हो, यात्री टिकट काउंटर या UTS मोबाइल ऐप जैसे विकल्पों का उपयोग करके पहले से ही अपना टिकट बुक कर लें।
कुल मिलाकर, यह नियम यात्रियों की सुविधा के लिए है ताकि हर कोई बिना किसी परेशानी और डर के अपनी रेल यात्रा का मज़ा ले सके। सुरक्षित और खुशहाल यात्रा करें!