'केजरीवाल ने खुद बुलाया और बोले इस्तीफा दे दो', BJP में शामिल हुए बागी सांसद का बड़ा खुलासा; राघव चड्ढा को लेकर भी कही ये बात

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India News Live,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) में मचे घमासान और 7 राज्यसभा सांसदों के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब एक-एक कर चौंकाने वाली परतें खुलने लगी हैं। भाजपा का दामन थामने वाले पंजाब के दिग्गज नेता और पूर्व 'आप' सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने अरविंद केजरीवाल को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। साहनी के मुताबिक, बगावत से ठीक पहले खुद केजरीवाल ने उन्हें मिलने बुलाया था और उन पर राज्यसभा के पद से इस्तीफा देने का दबाव बनाया था।

22 अप्रैल की उस मुलाकात में क्या हुआ?

विक्रमजीत सिंह साहनी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 22 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। साहनी के अनुसार, "केजरीवाल ने मुझसे सीधा सवाल किया कि क्या मुझ पर कोई राजनीतिक दबाव है या कोई परेशानी है? जब मैंने कहा कि मुझ पर कोई दबाव नहीं है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपको राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए।" साहनी ने कहा कि उन्होंने इस पर विचार करने की बात कही थी और शुक्रवार को दोबारा मीटिंग तय थी, लेकिन उससे पहले ही पूरा परिदृश्य बदल गया।

राघव चड्ढा ने रखा था पार्टी छोड़ने का प्रस्ताव

साहनी ने इस पूरे 'ऑपरेशन' के पीछे राघव चड्ढा की भूमिका पर से भी पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले राघव चड्ढा ही उनके पास आए थे और पार्टी छोड़ने का प्रस्ताव रखा था। साहनी ने कहा, "राघव के प्रस्ताव पर मैं तुरंत राजी हो गया क्योंकि मेरे संबंध भाजपा और कांग्रेस दोनों से पहले से ही रहे हैं। मैं कभी औपचारिक रूप से 'आप' का सदस्य नहीं बना था, बल्कि पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए राज्यसभा गया था।"

दावोस से शुरू हुआ था राज्यसभा का सफर

अपनी नियुक्ति के फ्लैशबैक में जाते हुए साहनी ने बताया कि 2022 में दावोस (वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम) के दौरान उनकी मुलाकात राघव चड्ढा से हुई थी। राघव ने ही उन्हें बताया था कि केजरीवाल कुछ विश्वसनीय और बाहरी विशेषज्ञों को राज्यसभा भेजना चाहते हैं। इसी के बाद केजरीवाल से उनकी मुलाकात हुई और पार्टी ने उन्हें और बलबीर सिंह सीचेवाल को उच्च सदन भेजा। साहनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हमेशा से केंद्र की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं के समर्थक रहे हैं और यह बात केजरीवाल को भी पता थी।

पंजाब में अब केवल 'सीचेवाल' का सहारा

इस सामूहिक दलबदल ने पंजाब में आम आदमी पार्टी की कमर तोड़ दी है। कभी पंजाब से राज्यसभा में 'आप' का दबदबा हुआ करता था, लेकिन अब केवल बलबीर सिंह सीचेवाल ही इकलौते सांसद बचे हैं जिन्होंने पाला नहीं बदला। बाकी सभी 7 सांसदों ने राघव चड्ढा की अगुवाई में भाजपा की सदस्यता ले ली है। साहनी का यह दावा कि केजरीवाल खुद इस्तीफा मांग रहे थे, अब आम आदमी पार्टी के भीतर जारी 'भरोसे के संकट' को और गहरा कर सकता है।