फेसबुक नहीं, थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स पहुंचा रही हैं मेटा तक आपका डेटा: जानिए कैसे हो रही जासूसी और ऐसे करें बंद
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जूते, फ्लाइट टिकट या कपड़े सर्च किए हों और कुछ ही देर बाद फेसबुक या इंस्टाग्राम खोलते ही उसी प्रोडक्ट के विज्ञापन आपकी स्क्रीन पर तैरने लगे हों?
अक्सर लोग सोचते हैं कि उनका फोन उनकी बातें सुन रहा है या फेसबुक बैकग्राउंड में जासूसी कर रहा है। हकीकत इससे कहीं अलग और तकनीकी है। इस ट्रैकिंग के लिए जिम्मेदार फेसबुक ऐप नहीं, बल्कि वे थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स हैं जिन पर आप रोज विजिट करते हैं। वे खुद आगे बढ़कर आपका निजी डेटा और सर्च हिस्ट्री मेटा (Meta) के सर्वर तक पहुंचाती हैं। इस पूरी व्यवस्था को तकनीकी भाषा में 'ऑफ-फेसबुक एक्टिविटी' (Off-Facebook Activity) कहा जाता है।
बैकग्राउंड में कैसे काम करता है 'मेटा पिक्सल' और डेटा शेयरिंग?
इंटरनेट पर लाखों शॉपिंग, ट्रैवल, बैंकिंग और कंटेंट वेबसाइट्स अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए मेटा के डेवलपर टूल्स का इस्तेमाल करती हैं:
मेटा पिक्सल (Meta Pixel): यह कोड का एक छोटा सा टुकड़ा होता है जिसे वेबसाइट डेवलपर्स अपनी साइट के बैकएंड में लगाते हैं। जैसे ही आप किसी वेबसाइट पर कोई आर्टिकल पढ़ते हैं, किसी प्रोडक्ट पर क्लिक करते हैं या कार्ट में सामान जोड़ते हैं, यह पिक्सल तुरंत उस एक्शन को रिकॉर्ड कर लेता है।
बिजनेस टूल्स और SDK: इसी तरह कई एंड्रॉयड और आईओएस ऐप्स 'फेसबुक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट' (SDK) का इस्तेमाल लॉगिन या एनालिटिक्स के लिए करते हैं। यह टूल ऐप खोलने का समय, आपके द्वारा सर्च की गई चीजें और इन-ऐप खरीदारी का डेटा मेटा को भेज देता है।
टारगेटेड विज्ञापन: मेटा इस जानकारी को आपके फेसबुक या इंस्टाग्राम अकाउंट से लिंक करता है और फिर आपको ठीक वही विज्ञापन दिखाता है जिसमें आपकी रुचि थी।
आपका कौन-सा डेटा मेटा तक पहुंच चुका है? ऐसे करें चेक (Step-by-Step)
मेटा अपने यूजर्स को यह देखने की सुविधा देता है कि किन-किन वेबसाइटों और ऐप्स ने हाल ही में उनका डेटा शेयर किया है। इसे आप अपने स्मार्टफोन पर आसानी से चेक कर सकते हैं:
अपने फोन में Facebook App खोलें और ऊपर दाईं ओर बनी अपनी प्रोफाइल/तीन लाइनों (Menu) पर टैप करें।
नीचे स्क्रॉल करके Settings & Privacy पर जाएं और फिर Settings पर क्लिक करें।
सबसे ऊपर दिख रहे Accounts Center (अकाउंट्स सेंटर) पर टैप करें।
अकाउंट सेटिंग्स के तहत 'Your information and permissions' (आपकी जानकारी और अनुमतियां) के विकल्प को चुनें।
यहां आपको 'Your activity off Meta technologies' का विकल्प मिलेगा, उस पर टैप करें।
अब 'Recent Activity' पर क्लिक करें (सुरक्षा के लिए फेसबुक आपसे पासवर्ड मांग सकता है)। यहां आपको उन सभी वेबसाइट्स, फूड डिलीवरी ऐप्स, शॉपिंग पोर्टल्स और गेम्स की लंबी लिस्ट दिखाई देगी, जो लगातार आपका डेटा मेटा को भेज रहे हैं।
डेटा ट्रैकिंग को हमेशा के लिए कैसे बंद करें?
यदि आप नहीं चाहते कि बाहरी वेबसाइट्स आपकी ब्राउजिंग हैबिट्स मेटा के साथ साझा करें, तो आप इसे कुछ आसान स्टेप्स में हमेशा के लिए ब्लॉक कर सकते हैं:
पुरानी हिस्ट्री डिलीट करें: उसी मेनू में 'Clear previous activity' का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करते ही उन सभी कंपनियों का डेटा आपके फेसबुक अकाउंट से तुरंत अलग (Disconnect) हो जाएगा।
भविष्य की ट्रैकिंग ब्लॉक करें: इसके बाद 'Manage future activity' पर टैप करें। यहां आपको दो विकल्प मिलेंगे—पहला 'Disconnect future activity' और दूसरा 'Keep future activity connected'।
'Disconnect future activity' को चुनकर सेव कर दें। ऐसा करते ही भविष्य में कोई भी थर्ड-पार्टी वेबसाइट जब मेटा को डेटा भेजेगी, तो मेटा उसे आपकी पर्सनल प्रोफाइल या विज्ञापन आईडी से लिंक नहीं कर पाएगा।
इस सेटिंग को ऑफ करने के बाद भी आपको फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन तो दिखेंगे, लेकिन वे आपकी प्राइवेट वेब ब्राउजिंग और सर्च हिस्ट्री पर आधारित नहीं होंगे।