IRCTC की टाटा फ़ैसला 2.5 करोड़ फर्जी ID सस्पेंड, अब तत्काल टिकट पाना होगा आसान

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India News Live,Digital Desk : रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में धांधली रोकने और असली यात्रियों को आसानी से टिकट मिल सकें, इसके लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। 'रेलवे विजिलेंस विभाग' और आरपीएफ (Railway Protection Force) ने मिलकर अब तक 2 करोड़ 50 लाख से ज़्यादा ऐसी आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया है, जो या तो फर्जी थीं, एक से ज़्यादा थीं या अवैध तरीकों से इस्तेमाल हो रही थीं। इस massive कार्रवाई के पीछे का मकसद आम यात्रियों को बिना परेशानी के तत्काल टिकट दिलाना है।

आपको बता दें कि तत्काल टिकट IRCTC की वो सेवा है, जहाँ आप अपनी यात्रा के एक दिन पहले सुबह 10 या 11 बजे सीमित सीटों पर टिकट बुक कर सकते हैं। अक्सर डिमांड ज़्यादा होने से कुछ ही मिनटों में ये टिकट बिक जाते हैं। इसका फायदा कुछ लोग फर्जी आईडी या एजेंटों के ज़रिए गलत तरीके से उठाते थे, जिससे सामान्य यात्री टिकट नहीं ले पाते थे।

आखिर कैसे पहचानते हैं ये फर्जी आईडी?

रेलवे और आरपीएफ उन आईपी एड्रेस (IP Address) की निगरानी करते हैं, जिनसे भारी संख्या में तत्काल टिकट बुक किए जाते हैं। ये suspicious गतिविधि होती है। एक सामान्य उपयोगकर्ता इतनी जल्दी और इतने सारे टिकट बुक नहीं कर सकता। अगर एक ही IP Adress से बहुत ज़्यादा बुकिंग होती हैं या एक ही मोबाइल नंबर और मेल ID से कई सारी 'फर्जी' यूजर ID बनती हैं, तो ऐसे ID को पकड़कर ब्लॉक कर दिया जाता है। इस काम में आरपीएफ को खास सफलता मिली है।

अब तत्काल टिकट के नए नियमों में बदलाव भी हुए हैं, जिससे अवैध तरीके से टिकट लेने पर सख्त सजा का प्रावधान है:

  • दलालों पर नकेल: एजेंट और दलाल तत्काल टिकट की वेबसाइट या ऐप पर एक बार में सिर्फ एक ही IP एड्रेस इस्तेमाल कर पाएंगे।
  • मोबाइल नंबर लिंक: अब यूजर्स को टिकट बुक करते समय कम से कम एक पैसेंजर का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से डालना होगा।
  • वन-टाइम पासवर्ड (OTP): पैसेंजर के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे भरने के बाद ही बुकिंग कन्फर्म होगी। यह नियम फेक आईडी पर रोक लगाने में मददगार होगा।
  • पंजीकृत एजेंटों को प्राथमिकता: तत्काल टिकटों की दलाली और कालाबाजारी रोकने के लिए सिर्फ आईआरसीटीसी से पंजीकृत (registered) ट्रैवल एजेंटों को ही अधिकृत रूप से तत्काल टिकट बुकिंग की अनुमति होगी।

इन कड़े नियमों और व्यापक डीएक्टिवेशन ड्राइव से अब तत्काल टिकट मिलना पहले से ज़्यादा आसान और निष्पक्ष हो सकेगा, और genuine यात्रियों को राहत मिलेगी।