तेल के समंदर में डूबा ईरान! रखने की जगह नहीं तो 'डेड टैंकर' बने सहारा; अब केवल 12 दिनों का बचा है समय
India News Live,Digital Desk : ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग ने अब एक अनोखा मोड़ ले लिया है। जहां दुनिया तेल की किल्लत से जूझ रही है, वहीं ईरान अपने ही तेल के बोझ तले दबा जा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी और निर्यात ठप होने के कारण ईरान के पास कच्चे तेल का इतना बड़ा भंडार जमा हो गया है कि अब उसे रखने के लिए जमीन कम पड़ गई है। हालात इतने बेकाबू हैं कि ईरान अब कबाड़ हो चुके पुराने जहाजों (डेड टैंकर) में तेल भर रहा है।
कुएं बंद किए तो होगा 'महा-नुकसान'
ईरान के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह है कि वह तेल का उत्पादन रातों-रात बंद नहीं कर सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर तेल के कुओं को अचानक बंद किया गया, तो उन्हें स्थायी रूप से तकनीकी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे भविष्य में उत्पादन दोबारा शुरू करना नामुमकिन हो जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी की वजह से एक बूंद तेल भी देश से बाहर नहीं जा पा रहा है।
30 साल पुराने 'नशा' टैंकर की वापसी
इस स्टोरेज संकट से निपटने के लिए ईरान ने एक अस्थायी और जोखिम भरा रास्ता निकाला है। ईरान ने अपने 30 साल पुराने और बेकार पड़े टैंकर 'नशा' (Nasha) को फिर से सक्रिय किया है। यह 'डेड टैंकर' अब समुद्र में एक 'फ्लोटिंग स्टोरेज' (तैरते गोदाम) के रूप में काम कर रहा है। इसी तरह कई अन्य पुराने जहाजों को भी तेल भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
खार्ग द्वीप पर 'फुल' होने वाला है कोटा
ईरान के तेल साम्राज्य का दिल कहे जाने वाले खार्ग द्वीप (Kharg Island) की स्थिति बेहद नाजुक है:
कुल क्षमता: करीब 3 करोड़ बैरल।
मौजूदा स्थिति: विशेषज्ञों के मुताबिक अब केवल 1.3 करोड़ बैरल तेल रखने की ही जगह बची है।
संकट की रफ्तार: ईरान हर रोज करीब 10 से 11 लाख बैरल तेल निकाल रहा है।
डेडलाइन: इस रफ्तार से अगले 12-13 दिनों में ईरान के सभी स्टोरेज टैंक पूरी तरह भर जाएंगे।
[Image showing aerial view of oil storage tanks at Kharg Island, Iran]
अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार
भंडारण भरने का सीधा मतलब है कि ईरान को न चाहते हुए भी उत्पादन रोकना पड़ेगा। इससे न केवल कुओं को नुकसान होगा, बल्कि ईरान की आय का सबसे बड़ा स्रोत भी पूरी तरह सूख जाएगा।
मुख्य चुनौतियां:
आय शून्य: निर्यात रुकने से देश चलाने के लिए फंड की भारी कमी।
पर्यावरण का खतरा: पुराने और जर्जर 'डेड टैंकर' में तेल जमा करना समुद्र में तेल रिसाव (Oil Spill) के बड़े खतरे को निमंत्रण दे रहा है।
अमेरिका का अल्टीमेटम: राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही 3 दिन में तेल पाइपलाइनें तबाह करने की धमकी दे रखी है, जिससे ईरान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।