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August 19 2026 01:38 am

जंग की आग में झुलसता ईरान: बदहाल अर्थव्यवस्था और आसमान छूती महंगाई से टूटी कमर, जिंदा रहने के लिए बाल और पुराने सामान बेचने को मजबूर लोग

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अमेरिका के साथ पिछले छह महीनों से जारी युद्ध और अनिश्चितता ने ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। नकदी की भारी कमी और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के बीच आम ईरानी नागरिकों का जीवनयापन बेहद कठिन हो गया है। ईरानी न्यूज एजेंसी आईएलएनए (ILNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर के परिवार आर्थिक संकट से निपटने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं और जिंदा रहने के लिए अपने निजी सामान को बेचने या किराए पर देने को मजबूर हैं।

अजीबोगरीब हालात: बाल, परफ्यूम और लैपटॉप बेचने की मजबूरी

सामान्य परिस्थितियों में जिन वस्तुओं को बेकार या कम मूल्य का माना जाता था, वे अब ईरान की नई 'सर्वाइवल इकॉनमी' का अहम हिस्सा बन चुकी हैं:

असली बाल और परफ्यूम की बिक्री: लोग ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर अपने असली बाल और इस्तेमाल की हुई परफ्यूम की बोतलें तक बेचने के लिए सूचीबद्ध कर रहे हैं।

सेकंड-हैंड सामान और जूते: पुराने कपड़े, काम के जूते और घर का अन्य छोटा-मोटा घरेलू सामान खरीदारों की तलाश में खुले बाजार में उपलब्ध है।

लैपटॉप किराए पर देने का चलन: ऑफिस के काम, ऑनलाइन कक्षाओं या अल्पकालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अब लोग अपने लैपटॉप किराए पर दे रहे हैं। विक्रेताओं द्वारा खरीदारों को आकर्षित करने के लिए कई छोटी चीजों को बंडल बनाकर भी बेचा जा रहा है।

87.9% तक पहुंची महंगाई, आम जनता बेहाल

ईरान का आर्थिक दबाव अब नागरिकों के दैनिक जीवन पर भारी पड़ रहा है:

खतरनाक मुद्रास्फीति: देश के सांख्यिकीय केंद्र के अनुसार, जुलाई के अंत तक समाप्त हुए ईरानी महीने में सालाना मुद्रास्फीति दर 66 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि साल-दर-साल महंगाई 87.9 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

खरीदने की शक्ति घटी: खाने-पीने की बुनियादी वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे परिवारों को अपने रोजाना के खर्चों में भारी कटौती करनी पड़ रही है। लोग घर खरीदने के बजाय किराए पर रहना ज्यादा व्यावहारिक मान रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर तनाव और ट्रंप की चेतावनी

इस गंभीर आर्थिक संकट के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को ईरान के लिए 'आखिरी मौका' करार दिया है। हालांकि, तेहरान ने वाशिंगटन के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जंग जल्द समाप्त नहीं हुई और ठोस आर्थिक राहत नहीं मिली, तो ईरान के भीतर हालात और अधिक विस्फोटक हो सकते हैं।