IPL 2025: विराट की टीम का सपना पूरा, पंजाब रह गई कदम दूर, गिल की टाइटंस नाजुक मोड़ों पर ढीली पड़ी

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India News Live,Digital Desk : आईपीएल 2025 का समापन एक रोमांचक और यादगार फाइनल के साथ हुआ। जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अंततः अपना खिताबी ख्वाब पूरा कर लिया, वहीं पंजाब किंग्स, गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस जैसी टीमें आखिरी समय पर पिछड़ गईं। इस सीजन में जहां अनुभवी खिलाड़ियों ने भावनाओं में डूबे जश्न मनाए, वहीं युवा सितारों ने अपनी चमक बिखेरी और क्रिकेट प्रेमियों को नया उत्साह दिया।

विराट कोहली की आरसीबी ने तोड़ी खिताबी बेड़ियां

आरसीबी का सालों पुराना सपना आखिरकार सच हो गया। विराट कोहली की अगुवाई में टीम ने शानदार वापसी करते हुए एक ऐसा प्रदर्शन किया जो इतिहास में दर्ज हो गया। हालांकि कोहली व्यक्तिगत रूप से बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनकी टीम ने मिलकर कम स्कोर का बेहतरीन बचाव किया। जीत के बाद कोहली का घुटनों पर बैठकर नम आंखों से जश्न मनाना उनके जुनून और समर्पण को दर्शाता है।

पंजाब किंग्स की वीरता ने दिल जीता

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब ने पूरे सीजन में गजब की जुझारूपन दिखाई। फाइनल में महज 6 रन से चूकने वाली यह टीम अब आईपीएल की मजबूत दावेदारों में शामिल हो चुकी है। युवा खिलाड़ियों और कोच रिकी पोंटिंग की रणनीति ने टीम को नई पहचान दी।

मुंबई इंडियंस की वापसी लेकिन अधूरा अंत

मुंबई ने एक बार फिर खराब शुरुआत के बाद वापसी की, लेकिन खिताब की होड़ में पिछड़ गई। सूर्यकुमार यादव ने इस सीजन में 717 रन बनाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम में नयापन नजर आया।

गुजरात टाइटंस की राह में रुकावटें

शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर जैसे सितारों के रहते भी गुजरात आखिरी चरण में लड़खड़ा गई। एलिमिनेटर में मुंबई से हारकर उनका अभियान थम गया। यह टीम लय बनाए रखने में नाकाम रही।

युवा सितारों का धमाल

14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सबसे कम उम्र में सबसे तेज शतक लगाकर सबको चौंका दिया। प्रियांश आर्य, अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह और आयुष म्हात्रे जैसे अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा।

हैदराबाद का अतिआक्रामक खेल नहीं आया काम

सनराइजर्स हैदराबाद ने आक्रामक बल्लेबाजी की परिभाषा तय करने की कोशिश की, लेकिन रणनीति में लचीलापन न होने के कारण वे प्रतियोगिता से जल्दी बाहर हो गए।

सीएसके की देरी से बदली रणनीति

चेन्नई ने युवाओं पर भरोसा तो किया लेकिन देर से। आयुष म्हात्रे और ब्रेविस जैसे युवाओं ने मौके मिलते ही असरदार प्रदर्शन किया। नूर अहमद ने दिग्गजों को पछाड़कर सबसे सफल स्पिनर का खिताब पाया।

साई सुदर्शन: तकनीक और संयम का मेल

साई सुदर्शन ने 759 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती। उन्होंने यह साबित किया कि तकनीकी बल्लेबाजी की अहमियत टी20 में भी बरकरार है। अब वह राष्ट्रीय टीम में जगह के दावेदार बन गए हैं।

राजस्थान और केकेआर की निराशा

संजू सैमसन की फिटनेस और फॉर्म ने राजस्थान को कमजोर कर दिया। केकेआर के लिए रहाणे ने लड़ाई लड़ी लेकिन टीम में सहयोग की कमी साफ दिखी।

दिल्ली कैपिटल्स की गिरती उड़ान

शानदार शुरुआत के बाद दिल्ली की टीम स्थिरता नहीं बनाए रख सकी और खिताब की दौड़ से जल्दी बाहर हो गई। पावरफुल शुरुआत के बावजूद लगातार हारों ने टीम की कमर तोड़ दी।

लखनऊ की अधूरी कहानी

मार्श, पूरन और मार्करैम ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पंत की फॉर्म और गेंदबाजी की कमी के कारण टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी।